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मान सिंह हत्याकांड: 1700 से ज्यादा तारीख, 8 बार फाइनल बहस, 35 साल बाद आया फैसला

मान सिंह द्वारा अपनी जोंगा से क्षतिग्रस्त किया गया तत्कालीन सीएम का हेलिकॉप्टर। (फाइल फोटो)

मान सिंह द्वारा अपनी जोंगा से क्षतिग्रस्त किया गया तत्कालीन सीएम का हेलिकॉप्टर। (फाइल फोटो)

20 फरवरी 1985 को विधानसभा चुनाव के दौरान डीग में झंडा हटाने को लेकर हुए विवाद में भरतपुर के पूर्व राजा मान सिंह ने मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर में जीप से मार दी थी टक्कर. कोर्ट में सरेंडर के दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस ने उन्हें गोली मार दी थी.

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    प्रवीण कुमार शर्मा 

    भरतपुर. जिले के डीग में करीब 35 साल पहुले हुए भरतपुर रियासत के पूर्व महाराज मान सिंह हत्याकांड केस (Man Singh murder case) में आज उत्तर प्रदेश की मथुरा के जिला एवं सत्र न्यायालय (District and Sessions Court of Mathura) द्वारा फैसला सुनाया जाएगा. मथुरा की अदालत इस केस में अब तक 1700 ज्यादा तारीखें पड़ चुकी हैं. 8 बार फाइनल बहस भी हो चुकी है. कभी ना भूली जा सकने वाली इस घटना के बाद स्थानीय लोगों को बरसों से कोर्ट के फैसले का इंतजार है. उनका यह इंतजार आज खत्म होने जा रहा है. फैसले को देखते हुए मथुरा में कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. फैसला दोपहर 1 बजे आने की संभावना जताई जा रही है.

    यह था पूरा मामला
    20 फरवरी 1985 को विधानसभा चुनाव के दौरान डीग में झंडा हटाने को लेकर विवाद हो गया था. उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर जनसभा करने आए थे. उस दौरान भरतपुर के पूर्व महाराज मानसिंह भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे और चुनाव प्रचार में लग रहे थे. कांग्रेस समर्थकों ने राजा मानसिंह के झंडे को हटाकर वहां कांग्रेस का झंडा लगा दिया था. यह मानसिंह को नागवार गुजरा. इसके चलते मानसिंह ने चौड़ा बाजार में लगे सीएम की सभा मंच को अपने जोंगा (जीप) से टक्कर मारकर तोड़ दिया. इसके बाद वे वह हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे और सीएम माथुर के हेलीकॉप्टर को भी जोंगा से टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया. उस समय सीएम माथुर बाजार में जनसंपर्क कर रहे थे.

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    मान सिंह के साथ दो अन्य लोगों की हुई थी मौत
    जानकारों के मुताबिक घटना के दूसरे दिन 21 फरवरी जब मानसिंह पुलिस के सामने सरेंडर करने जा रहे थे, इसी दौरान अनाज मंडी में पुलिस ने अपनी जीप को उनकी गाड़ी के आगे लगा दिया. इस दौरान हुई झड़प के बाद पुलिस ने फायरिंग कर दी. फायरिंग में मान सिंह और उनके साथ मौजूद सुमेर सिंह तथा हरि सिंह को गोली लगी, जिसमें तीनों की मौत हो गई. वहीं पुलिस ने मानसिंह की गाड़ी में सवार अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया था. इस घटना के बाद मान सिंह के दामाद की ओर से इस संबंध में मामला दर्ज कराया गया था. इसमें तत्कालीन डीएसपी कान सिंह भाटी, एसएचओ वीरेंद्र सिंह और पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया था. इस मामले की पैरवी दुष्यंत सिंह कर रहे हैं.

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