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Bharatpur: पॉकेट मनी से घायल जानवरों की सेवा करते हैं प्रिंस अग्रवाल, दिलचस्प है कहानी

प्रिंस अग्रवाल 9 साल से ये सेवा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि एक दिन वो बाजार के लिए जा रहे थे तो रास्ते में देखा कि एक ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: ललितेश कुशवाहा

    भरतपुर. हौसला हो कुछ कर गुजर जाने का, तो वो उम्र का मोहताज नहीं होता. भरतपुर (Bharatpur) के एक ऐसे ही युवक से हम आपको रूबरू करा रहे हैं.  जिस उम्र में जब लोग मां बाप से पैसे लेकर दोस्तों के साथ घूमने फिरने में व्यस्त रहते हैं. उस आयु में प्रिंस अग्रवाल पॉकेट मनी से बेजुबान बेसहारा पशु पक्षियों की सेवा कर मिसाल पेश कर रहे हैं.

    हम बात कर रहे हैं भरतपुर जिले के रूपवास कस्बा निवासी युवक प्रिंस अग्रवाल की. प्रिंस विगत 9 वर्षों से मां बाप से मिलने वाली पॉकेट मनी को यार दोस्तो में खर्च करने के बजाय बेजुबान बेसहारा पशु पक्षियों पर खर्च कर रहा है. इनके जज्बे को देख अब स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आ रहे हैं. कई बार इनके इस कार्य को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाओं ने सम्मानित भी किया है.

    ऐसे मिली प्रेरणा

    युवक प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि एक दिन वो बाजार के लिए जा रहे थे तो रास्ते में देखा कि एक महिला ने छत से कुत्ते के पिल्ले को नीचे फेंक दिया. मेरी आंखों के सामने उस पपी ने पांच मिनट के अंदर दम तोड़ दिया. कुछ ही समय में उसकी मां वहां आ गई और वो बेबस सी नजर आई. इस दृश्य ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया.

    प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि मैंने उसी दिन से इन बेजुबान पशु पक्षियों की सेवा करने का फैसला लिया. इनकी सेवा करने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी. पिताजी एक टोस कंपनी में कार्य करते थे. प्रिंस को जो जेब खर्च और पढ़ाई के लिए 2 हजार रुपए मिलते थे उन्ही में से बचाकर वो इन पशु-पक्षियों की सेवा करने लगा.

    9 साल से कर रहे हैं सेवा

    प्रिंस ने बताया कि इन बेजुबान पशु पक्षियों की सेवा करते करते 9 साल हो गए. मेरे इस जज्बे और मेहनत को देख स्थानीय लोग अब मदद के लिए आगे आ रहे हैं. कोई चारा तो कोई दवाई फ्री में दे रहा है. उन्होंने बताया कि इनकी सेवा के लिए अब पूरा जीवन न्योछावर करने के साथ साथ पढ़ाई भी छोड़ दी है. इनके बेजुबान पशु पक्षियों के प्रति लगाव देख स्थानीय प्रशासन सहित राज्य व राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक संस्थाओं द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है.

    उन्होंने आगे बताया कि दुर्घटनाओं में घायल व बीमार पशु पक्षियों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाता था तो कभी कभी कुछ जानवरों की हालत गंभीर होती थी लेकिन चिकित्सक नहीं मिलने से सही समय पर उपचार नहीं हो पाता था और दम तोड़ देते थे. मुझसे पशु-पक्षियों की यह हालत नहीं देखी जाती थी  तो मैं खुद ही इलाज करने लगा. अब प्रिंस जानवरों को ड्रिप, पट्टी के साथ टांके भी लगाने लगे हैं. जबकि ज्यादा गंभीर होने पर वो जानवरों को भरतपुर या मथुरा जानवरों के अस्पताल लेकर जाते हैं.

    घर ही बना दिया अस्पताल

    प्रिंस ने बताया कि मैंने अपने घर में दो कमरों को अस्पताल वार्ड बना दिया है. एक वार्ड में छोटे पशु तो दूसरे वार्ड में पक्षियों को रखते हैं. इसके अलावा बड़े जानवरो को बाहर सबंधित व्यक्ति को खाली पड़े प्लाट व खेत में रखकर इलाज करने के साथ साथ इनके लिए चारा व दवाई लोगो से मांग लेते हैं. अगर आपको कस्बे में कोई बेजुबान पशु पक्षी घायल व बीमार अवस्था में दिखाई दे तो इस नंबर पर 9785623385 कॉल करके जानकारी दे सकते हैं.

    Tags: Bharatpur News

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