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अब राजस्थान के प्राइवेट स्कूल नहीं कर सकेंगे मनमानी वसूली, दिए विशेष निर्देश

अब राजस्थान के प्राइवेट स्कूल नहीं कर सकेंगे मनमानी वसूली, दिए विशेष निर्देश

राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी. फोटो-(ईटीवी)

राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी. फोटो-(ईटीवी)

राजस्थान सरकार ने निजी विद्यालयों में पुस्तकों, यूनिफॉर्म, जूते, टाई आदि के नाम पर अभिभावकों से वसूल की जाने वाली भारी राशि के सबंध में मिलने वाली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं.

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    राजस्थान सरकार ने निजी विद्यालयों में पुस्तकों, यूनिफॉर्म, जूते, टाई आदि के नाम पर अभिभावकों से वसूल की जाने वाली भारी राशि के सबंध में मिलने वाली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं.

    शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने बताया कि निजी विद्यालयों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे जिस बोर्ड, मण्डल से शिक्षण संस्था संचालन की मान्यता प्राप्त करते हैं उसके द्वारा निर्धारित मान्यता नियमों, निर्देशों, मापदण्डों और अधिनियमों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हित में जारी मार्गदर्शी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें.

    प्रो. देवनानी ने बताया कि निजी विद्यालयों को शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के कम से कम एक माह पूर्व निर्धारित पुस्तकों की सूची, लेखक एवं प्रकाशक के नाम तथा मूल्य को अपने विद्यालय के सूचना पटल एवं अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा.

    उन्होंने बताया कि शाला के विद्यार्थियों, अभिभावकों द्वारा मांगने पर यह सूची उन्हें उपलब्ध भी करानी होगी ताकि विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक इन पुस्तकों को अपनी सुविधा से खुले बाजार से क्रय कर सके. निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म, टाई, जूते, कॉपियां आदि भी विद्यार्थी अब खुले बाजार से क्रय करने को स्वतंत्र होंगे.

    मंत्री देवनानी ने बताया कि निजी विद्यालय अपने विवेकानुसार एनसीईआरटी, राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रमानुसार पाठ्यपुस्तकों का विद्यार्थियों के शिक्षण के लिए चयन कर सकेंगे, लेकिन किसी भी शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं होगा.

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार किसी भी दुकान विशेष से पुस्तकें एवं अन्य सामग्री के क्रय का दबाव निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर नहीं बनाया जाए और शाला परिसर में पुस्तकों और अन्य सामग्री का विक्रय नहीं किया जाए. निजी विद्यालयों के लिए जारी मार्गदर्शी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि निजी विद्यालय विद्यार्थियों के लिए निर्धारित की जाने वाली यूनिफॉर्म को न्यूनतम 5 सालों तक बदल नहीं सकेंगे. निजी विद्यालय यह भी सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों के लिए अनुशंसित की जाने वाली पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म और सामग्री न्यूनतम 3 स्थानीय विक्रेताओं के पास उपलब्ध होनी चाहिए.

    Tags: Rajasthan Education Department

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