Rakshabandhan: भाई ही नहीं बहन भी करती है जीवन की रक्षा, खुद का लिवर देकर बचाई भाई की जान
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Rakshabandhan: भाई ही नहीं बहन भी करती है जीवन की रक्षा, खुद का लिवर देकर बचाई भाई की जान
संजय ने छोटी बहन के इस निर्णय का विरोध किया, लेकिन वह नहीं मानी.

आज भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन (Rakshabandhan) है. इस पावन मौके पर एक बहन ने लिवर डोनेट कर भाई की जान बचाई और मिसाल पेश की है.

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भरतपुर. सोमवार को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन (Rakshabandhan) है. आमतौर पर रक्षाबंधन पर भाई बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं और वादा करते हैं कि वे उसके रक्षा सूत्र का कर्ज चुकाएंगे. लेकिन, इसके विपरीत अगर कोई बहन अपने भाई के जीवन की रक्षा करे तो उसे क्या कहियेगा? राजस्थान के भरतपुर में ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है, जहां बहन ने अपना लिवर डोनेट कर भाई की जान बचाई और भाई-बहन के रिश्ते को सर्वोच्च ऊंचाई प्रदान की है.

इस छोटी बहन ने अपने बड़े भाई को लिवर डोनेट करके यह साबित कर दिया कि भाई ही नहीं बहनें भी रक्षा सूत्र की आराधना करती हैं. उनका मनाना है कि भाई सलामत है तो रक्षा सूत्र सलामत है. भाई-बहन के रिश्तों को ऊंचाई देने वाली यह कहानी है भरतपुर के नदबई निवासी संजय रौतवार की. करीब 2 साल पहले संजय रौतवार को पीलिया हो गया था. इस दौरान संजय का लीवर डैमेज हो गया था. संजय का उपचार दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा था.

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संजय ने किया बहन के निर्णय का विरोध
डॉक्टर्स ने परिजनों को संजय के लिवर ट्रांसप्लांट के सलाह दी, लेकिन ब्लड ग्रुप के चलते यह असंभव था. जब संजय की इकलौती बहन ममता को इस बात का पता चला तो उसने अपना लिवर भाई को डोनेट करने की पति से इच्छा जाहिर की. पति अजय सिंह ने भाई बहनों के मामले में निर्णय लेने से मना करते हुए ममता से स्वयं फैसला करने को कहा. संजय ने भी छोटी बहन के इस निर्णय का विरोध किया.

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तीन भाइयों की इकलौती बहन है ममता
संजय का तर्क था कि वह छोटी बहन से लीवर कैसे ले सकता है उसके भी उम्रभर का सवाल है, लेकिन ममता के फैसले के आगे सब को झुकना पड़ा. मेडिकल जांच-पड़ताल में सब कुछ अनूकूल होने पर ममता ने अपने भाई को लिवर डोनेट कर भाई-बहन के रिश्ते की एक अनूठी मिसाल कायम कर दी. ममता के तीन भाई हैं. वह सबसे छोटी है.ममता के पति अजय सिंह बॉक्सिंग टीचर हैं. ममता भी नदबई में रहती है. आज जब ममता ने भाई संजय को राखी बांधी तो माहौल बेहद भावुक हो गया.
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