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स्टाफ की कमी के कारण मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला बंद, जिसका खामियाजा भुगत रहे है किसान...

Bharatpur News: एक तरफ जहाँ किसान रवि की फसल बुआई की तैयारी में जुटे हैं तो वहीं दूसरी ओर किसान अपने खेतों की मिट्टी पर ...अधिक पढ़ें

  • Local18
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    भरतपुर: एक तरफ जहाँ किसान(Farmer) रवि की फसल बुआई की तैयारी में जुटे हैं तो वहीं दूसरी ओर किसान अपने खेतों की मिट्टी परीक्षण(soil test) के लिए परेशान दिखाई दे रहे है. आपको बता दें कि भरतपुर जिले के डीग(deeg) में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का भवन बना हुआ है वहीं लैब में मिट्टी परीक्षण की लाखों रुपए की मशीन लगी हुई है।लेकिन स्टाफ की कमी के कारण विगत कई वर्षों से धूल फांक रहीं हैं.डीग में प्रयोगशाला होते हुए भी स्थानीय किसानों को अपने कृषि कार्य छोड़कर मिट्टी चैक करवाने भरतपुर(Bharatpur) के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जहाँ किसानों का समय और पैसे की बर्बादी हो रही है

    किसान विज्जो मलैया (vijjo malaiya)ने बताया कि लगभग तीन – चार वर्ष से मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के बंद होने से किसान परेशान हैं.वही मिट्टी की जांच नहीं होने से कृषि की उपज नहीं बढ़ा पा रहे हैं.स्थानीय किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय भरतपुर स्थित प्रयोगशाला में मिट्टी परीक्षण के लिए जाना पड़ता है. जंहा दिनभर लंबी कतार में लगकर परीक्षण करवाते है.डीग स्थित प्रयोगशाला को चालू करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कही बार अवगत करा चुके है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नही हुई है.जिसका खामियाजा सिर्फ किसानों को भुगतना पड़ रहा है .

    जानकारी के मुताबिक डीग स्थित भूमि परीक्षण प्रयोगशाला में स्टाफ की कमी के कारण बंद हो गई साथ ही बजट का भी अभाव रहा.स्थानीय अधिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों को कर्मचारी भेजे जाने के लिए कही बार चिट्ठी लिखी है लेकिन अभी तक कोई कर्मचारी नही भेजा गया है.जैसे ही कर्मचारी मिलते हैं प्रयोगशाला में काम होना शुरू हो जाएगा. वहीं आपको बता दे कि डीग में स्थित प्रयोगशाला शुरू होने से डीग सहित नगर ,पहाड़ी और कामां तहसील के किसानो को लाभ मिलेगा.

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