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Unique Temple: ये है बिना गर्दन वाले भगवान महादेव का मंदिर

Bharatpur temple: ये मंदिर राजस्थान के भरतपुर में है. यहां भगवान महादेव की बिना गर्दन वाली अनोखी प्रतिमा विराजमान है.

    रिपोर्ट: ललितेश कुशवाहा

    भरतपुर. देश में महादेव के अनगिनत मंदिर हैं यह बात तो आप सभी जानते हैं. अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग मान्यताओं के साथ इन मंदिरों में पूजा पाठ की जाती है. लेकिन आपने कभी ऐसा अनोखा मंदिर देखा है जिसमें विराजमान महादेव जी की गर्दन ही नहीं हो.

    ऐसा मंदिर राजस्थान के भरतपुर स्थित हलैना कस्बे में है जंहा भगवान महादेव की बिना गर्दन वाली अनोखी प्रतिमा विराजमान है. यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण के युग के होने के साथ ही पांच हजार साल पुराना महादेव मंदिर आस्था का केंद्र है और इस मंदिर के प्रति लोगों की आस्था जुड़ी हुई है.

    पांच सौ साल पहले विदेशी आक्रांताओं (foreign invaders) ने इस मंदिर में विराजमान शिवलिंग व मूर्ति को तोड़ खंडित कर दिया था. उसी समय समय ये मंदिर बिना गर्दन वाले महादेव के नाम से जाना जाने लगा. इसके बावजूद भी लोगों की आस्था कम नहीं हुई. आज भी इस मंदिर में विराजमान भग्गेन महादेव की पूजा अर्चना व दर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.

    बिना गर्दन वाले महादेव के नाम से ऐसे हुए मशहूर

    इतिहासकार डॉ.पवन कुमार धाकड़ ने बताया कि हलैना कस्बे में स्थित हर हर महादेव मंदिर भगवान श्री कृष्ण युग का है. यह मंदिर करीब 5000 साल पुराना बताया जाता है. इस मंदिर में भगवान शिव का सवा 11 फीट ऊंचा शिवलिंग और विशाल महादेव की प्रतिमा सहित अन्य प्रतिमाएं स्थापित हैं. ये प्रतिमाएं बड़ी चमत्कारिक थीं. करीब 500 साल पहले बिल्सी शासकों के अतिक्रमण एवं अज्ञात चोरों ने शिव जी की प्रतिमा को खंडित कर दिया लेकिन फिर भी स्थानीय लोगों ने इस मंदिर में खंडित की गई महादेव की प्रतिमा की पूजा अर्चना करना नहीं छोड़ी.

    उसी समय से हर हर महादेव मंदिर में विराजमान भगवान महादेव की प्रतिमा की गर्दन नहीं है. यह मंदिर बिना गर्दन वाले महादेव के नाम से मशहूर है. जो भी इस मंदिर के बारे में सुनता है, वह देखने व दर्शन करने जरूर आता है.

    सेठ को आया सपना तो करा दी नई प्रतिमा स्थापित

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कस्बे में रहने वाले एक सेठ के सपने में भगवान महादेव आए और कहा कि तुम्हारे घर में चोर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. भगवान के द्वारा दिया गया सपना सच साबित हुआ तो सेठ को भगवान महादेव के प्रति आस्था में विश्वास बढ़ा. प्रतिदिन सेठ हर हर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करने जाने लगे. इसी मंदिर में फाल्गुनी 1998 में शिवजी की नई प्रतिमा स्थापित कराई. लेकिन अभी भी इस मंदिर में बिना गर्दन वाली प्रतिमा विराजमान है. हर हर महादेव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है और इसमें बिना गर्दन वाली अनोखी महादेव की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है.

    Tags: Bharatpur News, Rajasthan news in hindi

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