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Bharatpur News: बुजुर्ग दंपति ने जिला कलेक्टर को सुनाया दिल का दर्द और टपके आंसू...

Rajasthan News: भरतपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन जनसुनवाई कर रहे थे.उसी दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसे देख वहा मौजूद प् ...अधिक पढ़ें

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    भरतपुर : कामां(kaama) पंचायत समिति कार्यालय में भरतपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन(Alok Ranjan) जनसुनवाई कर रहे थे.उसी दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसे देख वहा मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की आखें नम हो गई.मामला था सहेडा(Saheda) गांव निवासी बुजुर्ग दंपत्ति अपने 10 वर्षीय पोते को साथ लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंच कलेक्टर रंजन को दिल का दर्द सुनाया और दास्तान सुनाते समय बुजुर्ग महिला की आंखों से आंसू टपके साथ ही कहा कि साहब बेटे की मौत हो गई है और बहू बच्चों को छोड़कर चली गई रहने को मकान नहीं है .वही खाने के लाले पड़े है .घर की व्यवस्था करा दीजिए हम मर जाएंगे तो हमारे बच्चे अनाथ हो जायेंगे फिर बच्चों का कौन रखवाला होगा.इनकी दास्तान सुन जिला कलेक्टर ने बुजुर्ग दंपति को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया.

    कलेक्टर ने बुजुर्ग दंपत्ति की वार्ता सुनने के बाद दिए निर्देश
    कामां क्षेत्र के सहेडा़ गांव के 90 वर्षीय बुजुर्ग मौहरपाल(Moharpal) अपनी पत्नी जानकी और पोते वंशिक को साथ लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में कामां पंचायत समिति कार्यालय में पहुंचकर कलेक्टर को अपनी दर्द भरी दास्तान सुनाते हुए राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिला कर एक पोते और दो पोती के लिए मकान बनवाए जाने की मांग की गई.जिसके बाद कलेक्टर ने बुजुर्ग दंपत्ति की वार्ता सुनने के बाद एसडीएम दिनेश शर्मा, विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह बुंदेल को बुजुर्ग दंपत्ति के लिए राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ तुरंत प्रभाव से दिलाने के निर्देश दिए गए.जिसके बाद जिला कलेक्टर ने बुजुर्ग दंपत्ति के पोते से शिक्षा के संबंध में वार्ता की गई तो वंशिक ने कहा विद्यालय तो प्रतिदिन जाते हैं लेकिन विद्यालय में खाने को सिर्फ दो ही चपाती मिलती हैं भरपेट खाना नहीं मिलता.कलेक्टर ने बच्चे की बात सुनने के बाद तुरंत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देकर बच्चे को पेट भर भोजन प्रतिदिन विद्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

    सर्पदंश से हुई बेटे की मौत..
    करीब सात वर्ष पहले बुजुर्ग दंपत्ति के पुत्र की सर्पदंश से मौत हो गई और करीब दो वर्ष बाद पति की मौत के बाद पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और बच्चों को दादी बाबा के पास ही छोड़ कर चली गई. पिता की मौत और मां के छोड़ जाने के बाद बच्चे अनाथ हो गए अब 90 वर्ष से अधिक आयु के दादी दादा ही दो पोती और एक पोते की परवरिश कर रहे हैं.

    Tags: Rajasthan news

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