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Rajasthan: अब गायों के सामने नहीं होगा भूख का संकट, हर घर से जाएगी रोटी, जानें यह अनोखा प्रयोग

Rajasthan: अब गायों के सामने नहीं होगा भूख का संकट, हर घर से जाएगी रोटी, जानें यह अनोखा प्रयोग

एमएस अबेकस एकेडमी और स्वास्थ्य मंदिर ने मिलकर "घर घर रोटी अभियान, एक रोटी गाय के नाम" प्रोजेक्ट का संचालन शुरू किया है . इस प्रोजेक्ट के तहत जुड़े घरों से एक एक रोटी ली जाती है. एकत्रित की गई रोटियों को आवारा और गौशालाओं की गायों को खिलाया जाता है. इस अभियान से अब तक करीब 200 घर जुड़ चुके हैं. इसके साथ ही जल्द ही अन्य लोगों के जुड़ने की उम्मीद की जा रही है.

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    भरतपुर. दुनियाभर में संस्थाओं द्वारा अपने स्तर पर प्रोजेक्टों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को रोटी खिलाने का काम किया जा रहा है. लेकिन राजस्थान के भरतपुर में इंसानों के लिए नहीं बल्कि गायों के लिए एक ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिससे उनको रोटियां मिल पा रही हैं. शहर के रणजीत नगर स्थित एमएस अबेकस एकेडमी एवं स्वास्थ्य मंदिर ने मिलकर” घर घर रोटी अभियान, एक रोटी गाय के नाम” प्रोजेक्ट का संचालन शुरू किया है. इस प्रोजेक्ट के तहत जुड़े घरों से एक एक रोटी ली जाती है. एकत्रित की गई रोटियों को आवारा व गौशालाओं की गायों को खिलाया जाता है.

    प्रोजेक्ट मैनेजर महिपाल सिंह ने बताया कि कोरोना काल में सभी की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई थी. उस समय संकल्प लिया कि जीवन में जितनी सेवा हो सके उतनी कम है. यह प्रोजेक्ट दो संस्थाओं ने मिलकर शुरू किया है. इस प्रोजेक्ट के माध्यम से एक ई रिक्शा द्वारा सुबह 8: 30 बजे से दोपहर एक बजे तक शहर के रणजीत नगर व सेक्टर तीन के घरों से एक-एक रोटी ली जाती है. एकत्रित की गई रोटियों को गढ़ी सांवल दास गौशाला और ट्रीट ऑन स्ट्रीट और आवारा गायों को उपलब्ध करवाई जाती है. इस प्रोजेक्ट को 600 दिन के लिए तैयार किया गया है और एक दिन का खर्च 735 रुपये आ रहा है.

    वहीं डॉक्टर वीरेंद्र अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट का संचालन कुछ दिन पहले किया गया है. यह हमारा सेवा संकल्प है. अभी शहर के कुछ भाग से ही प्रोजेक्ट के माध्यम से रोटियां ली जा रही हैं. जैसे-जैसे लोगों को इसके बारे में जानकारी मिल रही है उसी प्रकार जुड़ते जा रहे हैं. अबेकस एकेडमी डायरेक्टर मधु लता ने लोगों को प्रोजेक्ट से जुड़ने की अपील की है. साथ ही इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए भी मदद कर सकते हैं. जिससे अधिक गायों को रोटी मिल सके. फिलहाल इस प्रोजेक्ट से लगभग 200 घर जुड़ चुके हैं.

    Tags: Bharatpur News, Rajasthan news

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