होम /न्यूज /राजस्थान /900 किलो की गदा और 18 फीट लंबा धनुष, ये है भीलवाड़ा की नई पहचान!

900 किलो की गदा और 18 फीट लंबा धनुष, ये है भीलवाड़ा की नई पहचान!

संभवत: भीलवाड़ा राजस्थान का पहला ऐसा शहर है, जहां विशाल गदा व धनुष की स्टील से बनाई गई प्रतिकृति लग रही है. धनुष की लंब ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट : रवि पायक

    भीलवाड़ा. पूरे एशिया में मिनी मैनचेस्टर के नाम से विख्यात वस्त्र नगरी भीलवाड़ा का हृदय स्थल कहे जाने वाला सूचना केंद्र चौराहा अब नए लुक में नजर आएगा. इस सर्किल के सौंदर्यीकरण के तहत यहां स्टील से निर्मित 900 किलो वजनी गदा के साथ 17 फीट लंबा धनुष व 18 फीट लंबा तीर कमान निर्मित किया जा रहा है. नगर परिषद की ओर से करीब 35 लाख की लागत से यहां लगने वाली विशाल गदा, धनुष व तीर गुजरात में तैयार कराई गई है. सर्किल पर ​स्थापित होने वाली यह प्रतिकृति अब लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है.

    नगर परिषद सभापति राकेश पाठक ने बताया कि सूचना केंद्र सर्किल के सौंदर्यीकरण को लेकर ​अभी कार्य जारी है. इस सर्किल का लोकार्पण 17 दिसंबर को होगा. पाठक ने बताया​ कि शहर के गोल प्याऊ चौराहा पर भी विशाल हाथी पर सवार महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी. ऋषि संघ सर्किल और सरस्वती सर्किल पर भी सौंदर्यीकरण कार्य करवाए जाएंगे.

    तीर-कमान व गदा के पीछे क्या सोच है?

    सूचना केंद्र चौराहे के नये लुक के पीछे हिंदू और आदिवासी संस्कृति के मेलजोल का कॉंसेप्ट है. पाठक ने बताया कि भीलवाड़ा का नाम भील समुदाय से जुड़ा हुआ है. भील समुदाय का हथियार धनुष-बाण हुआ करता था इसलिए यहां इस प्राचीन पहचान के प्रतीक के तौर पर तीर—कमान स्थापित किए गए हैं. वहीं सर्किल के पास ही प्राचीन हनुमान मंदिर है. गदा हनुमानजी का प्रतीक माना जाता है इसलिए यहां गदा लगाने का निर्णय लिया गया.

    Tags: Bhilwara news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें