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Bhilwara: लॉकडाउन से अपराधों पर भी लगा 'लॉक', कोरोना का ग्राफ बढ़ा, अपराधों का घटा
Bhilwara News in Hindi

Pramod Tiwari | News18 Rajasthan
Updated: April 2, 2020, 5:49 PM IST
Bhilwara: लॉकडाउन से अपराधों पर भी लगा 'लॉक', कोरोना का ग्राफ बढ़ा, अपराधों का घटा
देश भर में इस समय 14 तारीख तक लॉकडाउन की स्थिति है.

कोरोना संकट के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के चलते अपराधों के ग्राफ में सामान्यतया काफी गिरावट आई है. लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा शहर (Bhilwara city) में मानो अपराधों पर एकदम से ब्रेक सा लग गया है.

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भीलवाड़ा. कोरोना संकट के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के चलते अपराधों के ग्राफ में सामान्यतया काफी गिरावट आई है. लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा शहर (Bhilwara city) में मानो अपराधों पर एकदम से ब्रेक सा लग गया है. इसकी बड़ी वजह यह कि पूरे प्रदेश में भीलवाड़ा ही एकमात्र ऐसा पूरा शहर है जो कोरोना के बेहताशा बढ़ते मामलों के कारण पिछले 13 दिन से कर्फ्यू के साये में है. गत 13 दिन से यहां पुलिस लोगों को सड़क पर आने से ही रोक रही है. इसमें उसे मशक्कत तो काफी करनी पड़ी रही है, लेकिन उसे आपराधिक मामलों से लगभग पूरी तरह से निजात मिली हुई है.

कर्फ्यू लगने के बाद अपराधों में एकदम गिरावट आई
भीलवाड़ा शहर में महिला थाने सहित छह थाने हैं. इनमें में दर्ज मुकदमों की संख्या यह बताती है कि शहर में अपराध का ग्राफ कितनी तेजी से गिरा है. भीलवाड़ा शहर के सुभाष नगर, प्रताप नगर, कोतवाली, पुर, भीमगंज और महिला थाने में फरवरी में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 67 और लोकल एक्ट में 184 मामलों समेत कुल 251 मुकदमे दर्ज हुए थे. वहीं मार्च महीने में इन सभी छह थानों में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 118 और लोकल एक्ट के 30 कुल मामलों समेत कुल 148 प्रकरण दर्ज हुए हैं. लेकिन इनमें से अधिकांश मामले 20 मार्च से पहले के हैं. कर्फ्यू लगने के बाद इनमें एकदम गिरावट आ गई.

जो भी मामले दर्ज हुए हैं वो 1 से 20 मार्च के बीच हुए



शहर के एक थाने को अगर केस स्टेडी के तौर देखा जाए तो इसका पूरा निचोड़ सामने आ जाता है. शहर के सुभाष नगर थाने में फरवरी में आईपीसी की धारा में 45 और लोकल एक्ट में 32 मामले दर्ज हुए थे. जबकि मार्च में आईपीसी की धारा में 24 और लोकल एक्ट में 8 मामले दर्ज हुए. ये सभी मामले भी 1 से 20 मार्च के बीच दर्ज हुए थे. सबसे बड़ी बात यह है कि जब से शहर में कर्फ्यू लगा है तब से सुभाष नगर पुलिस स्टेशन में तो एक भी अपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है. कमोबेश ऐसे ही हालात शहर के दूसरे थानों के हैं. कर्फ्यू के कारण थानों में लोगों की आवक-जावक ही न के बराबर रह गई है. कर्फ्यू की अवधि में दर्ज हुए मामलों में हत्या, लूट, डैकती जैसा गंभीर मामला तो एक भी नहीं है. जो भी है वो साधारण किस्म के हैं.



जिला स्तर पर भी काफी गिरा ग्राफ
अगर जिला स्तर पर देखें तो जिले के कुल 34 थानों में कर्फ्यू लगने के बाद अब तक महज 25 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं. जबकि इससे पहले की अवधि 1 से 20 मार्च तक इन थानों में करीब 486 एफआईआर दर्ज हुई थी. यानी की करीब 20 गुना ज्यादा. इस वर्ष मार्च से पहले की अवधि में जनवरी-फरवरी में पूरे जिले में 1100 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं.

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First published: April 2, 2020, 5:20 PM IST
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