मौसम की मार के कारण भीलवाड़ा में रबी की फसल से भी नहीं है उम्मीद

भीलवाड़ा जिले में मौसम की मार के कारण रबी की फसल से भी किसानों को उम्मीद नहीं है. कम बारिश के कारण रबी की बुवाई ही कम हुई

Pramod Tiwari | News18 Rajasthan
Updated: January 16, 2019, 8:29 AM IST
Pramod Tiwari | News18 Rajasthan
Updated: January 16, 2019, 8:29 AM IST
भीलवाड़ा जिले में इस बार कम बारिश होने के कारण किसानों को पहले खरीफ की फसल ने रुलाया, अब रबी की फसल भी उनके लिए कोई उम्‍मीद लेकर नहीं आ रही है. उन्‍हें उम्‍मीद अब सरकार से ऋण माफी की ही रह गई है. भीलवाड़ा जिले के कृषि उप निदेशक डॉक्टर जी. एल. चावला ने कहा कि वर्ष 2017 में जिले में औसत बरसात होने के कारण रबी की फसल की बुवाई अच्छी हुई थी, जिसमें से गेहूं , चना, जौ व सरसों की बंपर पैदावार हुई थी. गत वर्ष 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर भूमि में फसल की बुआई होनी थी लेकिन कम बारिश होने के कारण जिले में फसल बुवाई का रकबा घट कर 1 लाख 50 हजार हेक्‍टेयर ही रह गया.

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं की बुवाई में भी कमी आई है. पहले 1 लाख 3 हजार हेक्‍टेयर में बुवाई हुई थी लेकिन इस बार मात्र 63 हेक्‍टेयर में ही गेहूं बुवाई हुई है. जिसके कारण इस बार गेहूं की भी उपज कम होने के आसार है. सरसों की बुवाई कम होने के सवाल पर चावला ने यह भी कहा कि किसान अब सरसों की जगह चना की फसल लेना उचित समझता है क्‍योंकि चना एक बार की सिंचाई में ही फसल दे देता है लेकिन सरसों में दो से तीन बार पानी चाहिए.



किसान शंभू लाल पायक और दिनेश पाराशर ने कहा कि कम बारिश के कारण इस बार रबी की फसल  बुवाई कम करनी पड़ी है. पानी नहीं पड़ने की वजह से हमारे कई खेतों को खाली ही छोड़ना पड़ा है. इसकी वजह से हमें सब्जियों और फूलों की बुवाई करनी पड़ रही है. किसान गोपाल लाल ने कहा कि फसल से तो हम इस वर्ष कोई उम्‍मीद नहीं है अब तो सरकार ही हमें राहत दे सकती है.

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