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पहले चाहिए चाय-नाश्ता, फिर नंबर बढ़ाने के लिए टीचर ऐसे करते हैं सौदेबाजी, सुनें ऑडियो

पहले चाहिए चाय-नाश्ता, फिर नंबर बढ़ाने के लिए टीचर ऐसे करते हैं सौदेबाजी, सुनें ऑडियो

कहते हैं कि शिक्षा का कोई मोल नहीं होता, लेकिन अब शिक्षा का मोल ही नहीं भाव भी लगाया जाने लगा है. ऐसा ही मामला भीलवाड़ा के पालडी राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय में सामने आया है.

    कहते हैं कि शिक्षा का कोई मोल नहीं होता, लेकिन अब शिक्षा का मोल ही नहीं भाव भी लगाया जाने लगा है. ऐसा ही मामला भीलवाड़ा के पालडी राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय में सामने आया है.

    यहां एक परीक्षक ने बच्‍चों को अच्‍छे अंक देने के नाम पर 150-150 रुपए प्रति छात्र मांगे हैं. यह खुलासा परीक्षक द्वारा रुपए मांगने का ऑडियो रिकॉर्ड होने से हुआ है.

    दौसा जिले के लालसोट स्थित स्‍कूल में पदस्‍थ लेक्‍चरर रविशंकर जायसवाल भूगोल की परीक्षा लेने आए थे. वह परीक्षा लेकर कॉपियां अपने साथ ही ले गए थे. उसके बाद उन्होंने स्‍कूल के अध्‍यापक सलीम से बात की और प्रति छात्र को अच्‍छे नम्‍बर देने के नाम पर 150 रुपए मांगे.

    इस पर सलीम ने उन्‍हे छात्रों के गरीब होने का हवाला दिया तो जायसवाल ने कहा कि आपको जितना उचित लगता है आप बता दो कि प्रति छात्र कितना रुपए देना है.

    स्‍कूल में कक्षा 12 के भूगोल विषय के विद्यार्थी संजय शर्मा.
    स्‍कूल में कक्षा 12 के भूगोल विषय के विद्यार्थी संजय शर्मा.


    स्‍कूल में कक्षा 12 के भूगोल विषय के विद्यार्थी संजय शर्मा ने कहा कि वैसे ही परीक्षक रवि शंकर को ठहराने और अच्‍छा भोजन खिलाने के नाम पर हमसे 100-100 रुपए पहले ही ए‍कत्रित कर लिए हैं और अब अच्‍छे नम्‍बर के नाम हम 150-150 रुपए कहां से लाएं. हम गरीब हैं और अपने भविष्‍य की चिंता है. हमें यह भी चिंता है कि शिकायत से परीक्षा निरस्‍त हो गई है और अब नए परीक्षक के लिए रुपए कहां से लाएंगे.

    राजकीय सीनियर हायर सेकण्‍ड्री स्‍कूल पालडी की प्रिंसिपल ऊषा शर्मा.
    राजकीय सीनियर हायर सेकण्‍ड्री स्‍कूल पालडी की प्रिंसिपल ऊषा शर्मा.


    राजकीय सीनियर हायर सेकण्‍ड्री स्‍कूल पालडी की प्रिंसिपल ऊषा शर्मा कहती है कि जब परीक्षक रवी शंकर पैसों के लिए बार-बार फोन कर रहा था तो मैंने ही अध्‍यापक सलीम को बातचीत रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए थे ताकि ऐसे रिश्‍वतखोर परीक्षक को सबक सिखाने के लिए उसकी शिकायत की जा सके. इस परीक्षक ने ब‍डलियास और कोटडी के स्‍कूल विद्यालयों में भी रिश्‍वत की मांग की थी पर उन लोगों ने इसकी शिकायत नहीं की थी. परीक्षक को इस तरह अच्‍छे अंक देने के नाम पर रिश्‍वत मांगना मुझे नागवार गुजरा और मैंने कार्रवाई के लिए लिखा.

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    प्रि‍सिंपल शर्मा ने पर्यवेक्षक को अच्‍छे हॉटल में ठहराने और खाना खिलाने के नाम पर छात्रों से 100- 100 रुपए एकत्रित करने को गलत बताया है.

    रिश्‍वतखोर परीक्षक की शिकायत से उसके द्वारा ली गई परिक्षा तो निरस्‍त हो गई और 21 फरवरी को नई परिक्षा आयोजित होगी. मगर, बच्‍चों को नए परीक्षक के खाने-पीने के नाम दोबारा पैसा एकत्रित करने की चिंता अपनी परीक्षा की तैयारी से ज्‍यादा सता रही है.

    पढ़ें ऑडियो टेक्‍स
    परीक्षक रविशंकरः मैं आपको उदाहरण देता हूं. अभी मैं सीकर जाकर आया हूं. वहां पर 32 स्‍टूडेण्‍ड हैं. उन्‍होंने मुझे 10 हजार रुपए दिए हैं. अब आप आइडिया लगा लो कि मैंने कितना कम मांगा है. आपका एरिया बैकवर्ड में पड़ जाता है इसलिए कम मांगा है.
    अध्‍यापक सलीमः सर यहां के बच्‍चे काफी गरीब हैं.
    परीक्षक रविशंकरः मैंने जोशी जी को भी बताया था.
    अध्‍यापक सलीमः उन्‍होंने इस बारे में मुझे कुछ नहीं बताया. वैसे कलेक्‍ट करके आपको कैसे देना होगा.
    परीक्षक रविशंकरः आप मेरे अकाउण्‍ट में डाल देना. अकाउन्‍ट नं. लिख लो...
    अध्‍यापक सलीमः कौन सा बैंक?
    परीक्षक रविशंकर: इंडियन बैंक आगरा रोड दौसा में.
    अध्‍यापक सलीमः ठीक है मैं मैडम से बात करके बताऊंगा.
    परीक्षक रविशंकरः धर्मेन्‍द्र कुमार आमेरा के नाम से यह अकाउन्‍ट है.
    अध्‍यापक सलीमः आपका नहीं है क्‍या यह अकाउन्‍ट?
    परीक्षक रविशंकर: मेरे बड़े भाई का है. मेरा अकाउन्‍ट अभी बन्‍द पड़ा है और लेनदेन कम कर रहा हूं.
    अध्‍यापक सलीमः बच्‍चों के नं. का तो ध्‍यान रखोगे न सर...
    परीक्षक रविशंकरः बिल्कुल आप निश्चिंत रहिए.

    Tags: Bhilwara news, Rajasthan news

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