इस अस्पताल से ढोल-नगाड़े के साथ जाती हैं आत्माएं

राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित महात्‍मा गांधी अस्‍पताल से इन दिनों ढोल-नगाड़े के साथ आत्माएं जाती हैं. आए दिन यहां मरीजों को आवाज से परेशानी हो रही है लेकिन कहीं कोई रोकने वाला नहीं है.

Pramod Tiwari | News18 Rajasthan
Updated: June 3, 2019, 4:55 PM IST
Pramod Tiwari | News18 Rajasthan
Updated: June 3, 2019, 4:55 PM IST
जैसे ही बैशाख और ज्‍येष्‍ठ माह शुरू होता है भीलवाड़ा के महात्‍मा गांधी अस्‍पताल परिसर से ढोल- नगाड़े के साथ आत्‍माओं को ले जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है. आए दिन अस्‍पताल परिसर में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले मरीजों के परिजन धार्मिक अनुष्‍ठान के साथ यहां से आत्‍माएं ले जाते नजर आते हैं. अस्‍पताल से आत्‍मा ले जाने का अंधविश्‍वास आज भी बरकरार है. ग्रामीणों का मनाना है कि अस्‍पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले उनके परिजनों की आत्‍माएं यही मंडराती रहती हैं. जिनकी आत्‍म शांति के लिए उन्‍हें धार्मिक अनुष्‍ठान के साथ घर ले जाना आवश्‍यक है. सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश खोईवाल कहते हैं कि प्रशासन और पुलिस की ढिलाई से ये अंधविश्‍वास और गहरी जडे़ं जमाता जा रहा है.

अंधविश्वास को कौन खत्म करे

भीलवाड़ा के राजकीय महात्‍मा गांधी चिकित्‍सालय के प्रबन्‍धन की जिनके कंधों पर जिम्‍मेदारी है वे प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. एस.पी.आगीवाल हैं. आगीवाल कहते हैं कि ये धार्मिक कर्मकांड और अंधविश्‍वास है. मृत व्‍यक्तियों के परिजनों को समझाना चाहिए कि ये अंधविश्‍वास है मगर आखिर उन्‍हें समझाए कौन ?
आए दिन ढोल-नगाड़ों की आवाज के साथ होने वाले ये आत्‍मा ले जाने के अनुष्‍ठान अस्पताल में भर्ती सैंकड़ों मरीजों को परेशान करता है मगर इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी के सामने आत्मा ले जाने का ये अनुष्ठान सर्वाधिक होते हैं.

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