• Home
  • »
  • News
  • »
  • rajasthan
  • »
  • PM मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' अभियान से प्रेरित हुआ समाजसेवी, छात्रों के लिए बनाया स्वदेशी सॉफ्टवेयर

PM मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' अभियान से प्रेरित हुआ समाजसेवी, छात्रों के लिए बनाया स्वदेशी सॉफ्टवेयर

समाजसेवी उद्योगपति अनिल मानसिंह ने अपनी बेटी के साथ मिलकर छात्रों के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर तैयार किया है.

समाजसेवी उद्योगपति अनिल मानसिंह ने अपनी बेटी के साथ मिलकर छात्रों के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर तैयार किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लोकल फॉर वोकल (Local for Vocal) अभियान से प्रेरित होकर भीलवाड़ा के एक समाजसेवी ने छात्रों के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर (Indigenous Software) तैयार किया है. इससे क्लास 9 से 12 तक के छात्रों को पढ़ाई में काफी मदद मिल रही है.

  • Share this:
भीलवाड़ा. राजस्थान के भीलवाड़ा में समाजसेवी उद्योगपति अनिल मानसिंह ने अपनी बेटी के साथ मिलकर स्वदेशी सॉफ्टवेयर (Indigenous Software) तैयार किया है. इस सॉफ्टवेयर के जरिये क्लास 9 से 12 तक के स्टूडेंट (Students) घर बैठे अपनी सुविधा के अनुसार सभी विषयों की पढ़ाई कर पा रहे हैं. दरअसल कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के चलते इन दिनों स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लास (Online Class) लिये जा रहे हैं. इसी को देखते हुए समाजसेवी अनिल मानसिंह ने नई पहल करते हुए स्वदेशी सॉफ्टवेयर WWW.CLEVIR.IN तैयार कराया है.

पहले कराना होता है रजिस्ट्रेशन

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से क्लास 9 से 12 तक के छात्र अलग-अलग विषयों की पढ़ाई घर बैठे दोपहर दो बजे से शाम 6 बजे तक अपनी सुविधानुसार कर पा रहे हैं. यह सुविधा पाने के लिए छात्रों को पहले मोबाइल नंबर 9829712112 और 9494409696 पर संपर्क कर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है. जिसके बाद वे घर बैठे सभी विषयों की पढ़ाई बिना शुल्क के कर सकते हैं.

पीएम के लोकल के लिए वोकल अभियान से हुए प्रेरित

समाजसेवी अनिल मानसिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल के लिए वोकल अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने यह काम शुरू किया है. शुरुआत में 5 हजार से अधिक छात्र इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी विषयों की निशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं. छात्रों को सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभी विषयों की पढ़ाई कराई जा रही है.

उन्होंने कहा कि जब कोरोना काल में सारे स्कूल बंद हैं और ऑनलाइन पढ़ाई बेहतर विकल्प के रूप में उभरी है. ऐसे में इस स्वदेशी सॉफ्टवेयर का महत्व बढ़ गया है. इसे छात्र पसंद भी कर रहे हैं. शुरुआत के कुछ दिनों में इससे 5000 से छात्र जुड़े हैं और भविष्य में इनकी संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है.

शिक्षकों का मिल रहा साथ 

बतौर समाजसेवी इस काम उनको भीलवाड़ा शहर के विभिन्न विषयों के बेस्ट फैकल्टी का भी साथ मिल रहा है. वे लोग बहुत कम पारिश्रमिक लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज