लाइव टीवी

सुवाणा गोलीकांड के 70 साल- भीलवाड़ा में 19 किसान हुए थे पुलिस की गोलियों के शिकार
Bhilwara News in Hindi

News18 Rajasthan
Updated: June 22, 2019, 6:35 PM IST
सुवाणा गोलीकांड के 70 साल- भीलवाड़ा में 19 किसान हुए थे पुलिस की गोलियों के शिकार
सुवाणा गांव का वह चौक जहां पर 70 साल पहले गोलीकांड हुआ था. इसी चौक पर स्थित है कुआं. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

भीलवाड़ा के समीप स्थित है गांव सुवाणा. यह वही स्थान है जहां पर आज से 70 बरस पहले 22 जून, 1949 को किसानों पर गोलियां बरसाई गई थी. इस गोलीकांड में सुवाणा और उसके आसपास के छह गांवों के 19 किसान अपनी जान से हाथ धो बैठे थे.

  • Share this:
भीलवाड़ा के समीप स्थित है गांव सुवाणा. यह वही स्थान है जहां पर आज से 70 बरस पहले 22 जून, 1949 को किसानों पर गोलियां बरसाई गई थी. इस गोलीकांड में सुवाणा और उसके आसपास के छह गांवों के 19 किसान अपनी जान से हाथ धो बैठे थे. पुलिस की बंदूक से निकली गोलियों ने गांव की चौपाल में लाशें ही लाशें बिछा दी थी. गोलीकांड से यहां के लोगों के दिलों पर हुए घाव आज 70 बरस बाद भी भरे नहीं हैं. गांव के बुजुर्ग उस गोलीकांड को याद कर सिहर उठते हैं.

लेवी टैक्स के रूप में अनाज लेने के आदेश था गोलीकांड का कारण
आजादी के बाद प्रदेश में पहली बार हुए इस गोलीकांड की वजह लेवी टैक्स के रूप में अनाज लेने के आदेश रहा था. इस आदेश के अनुसार किसान को उसके पास स्थित जमीन के हिसाब से अलग-अलग मात्रा में सरकार को अनाज जमा कराना था. इसी के विरोध में यहां किसान भड़के. उनका तर्क था कि इसे यहां बारिश नहीं होने से अनाज कम होता है. इसलिए सिंचित जमीन की परिभाषा नए सिरे से तय की जाए.

आठ किसानों की गिरफ्तारी से गरमाया माहौल

सुवाणा समेत निंबाहेड़ा में भी इसका विरोध हुआ, वहां उसे दबा दिया गया. लेकिन सुवाणा में यह विरोध दबने की बजाय मुखर होता गया. प्रशासन की बातचीत से भी इसका कोई हल नहीं निकला. अनाज के भंडारण के लिए तुलाई के सरकारी कांटे लग चुके थे. प्रशासन और किसान अपने-अपने तर्कों पर डटे हुए थे. विरोध तेज होता देखकर पुलिस-प्रशासन की गांव में आमदरफ्त भी तेज हो गई. गोलीकांड से दो दिन पहले 20 जून को पुलिस ने आठ किसानों को गिरफ्तार कर लिया.

किसान और प्रशासन अड़े रहे अपनी-अपनी बात पर
इससे किसान भड़क गए और लेवी टैक्स के रूप में अनाज नहीं देने का निर्णय कर लिया. इससे माहौल और गरमा गया. विरोध की स्थितियों को भांपते हुए तत्कालीन जिला कलक्टर और एसपी समेत अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स 22 जून, 1949 को सुवाणा पहुंच गई. किसानों ने लेवी चार-पांच दिन स्थगित करने की मांग की, लेकिन प्रशासन अपनी बात पर अड़ा रहा. भीड़ को उग्र होते देख पुलिस फोर्स ने अश्रु गैस के गोले दोगे.पुलिस अधिकारी के सिर में पत्थर लगा और बंदूकों के मुंह खुले
इस बीच हुए पथराव में एक पत्थर पुलिस अधिकारी के सिर में जा लगा. इसके बाद अधिकारियों ने फायरिंग के आदेश दिए तो पुलिस फोर्स ने अपनी बंदूकों के मुंह खोल दिए. ताबड़तोड़ चलती गोलियों से बचने के लिए कुछ किसान चौपाल के पास स्थित कुएं में जा कूदे तो कुछ गोलियों के शिकार हो गए. गोलियों का धुंआ जब तक छंटा तब तक 19 किसान उनका निशाना बन चुके थे. आज भी जब-जब 22 जून आती है घटना के साक्षी रहे बुजुर्गों की आंखों में आंसू छलक उठते हैं.

सोशल मीडिया राजस्थान के इन नेताओं की भी है बड़ी ताकत

हनुमानगढ़ में कार और बाइक की भिड़ंत में पांच लोगों की मौत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भीलवाड़ा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 22, 2019, 6:28 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर