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World AIDS day: एड्स को लेकर न करें संकोच, भीलवाड़ा में मेडिकल कर्मियों ने की ये अपील

एचआईवी और एड्स की जागरूकता फैलाने के लिए पीएचसी और सीएचसी स्तर पर चिकित्सक कर्मी और आशा सहयोगिनी को प्रशिक्षित किया गया ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: रवि पायक

    भीलवाड़ा. विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर भीलवाड़ा शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले सूचना केंद्र चौराहे पर भीलवाड़ा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में रंगोली और कैंडल लाइट कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में नर्सिंग छात्राओं द्वारा राहगीरों और आमजन को एचआईवी के बारे में और इससे बचाव की जानकारी देकर जागरूक किया गया.

    वहीं इस दौरान एचआईवी के संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले लोंगों को श्रंद्धाजली भी अर्पित की गई .  भीलवाड़ा के चिकित्सा विभाग ने एक अभियान चलाया हुआ है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एचआईवी और एड्स की जागरूकता फैलाने के लिए पीएचसी और सीएचसी स्तर पर चिकित्सक कर्मी और आशा सहयोगिनी को प्रशिक्षित किया गया है. इसके तहत यह कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को फ्लैगशिप योजनाओं के साथ इस बीमारी से नुकसान और इसके बचाव के उपाय बता रही हैं.

    एचआईवी (एड्स ) रोकथाम और नियंत्रण के लिए जिले एआरटी सेन्टर्स बनाया गए हैं. यहां एचआईवी के मरीजों का निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवाया जाता है. इसके साथ ही जानकरी भी दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति बताने में संकोच करता है तो जानकारी के लिए वह 1097 टोल फ्री नम्बर पर भी जानकारी ले सकते हैं.

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुश्ताक खान ने बताया कि जिले में कार्यरत जिला एड्स नियत्रंण ईकाई के माध्यम से जिले में एचआईवी के बचाव के लिए जागरूकता के कार्यक्रम किये जा रहे हैं. भीलवाड़ा जिले में प्रवासी व्यक्तियों की संख्या अधिक होने से एचआईवी बढ़ सकता है. इसकी बड़ी वजह यह भी है कि वे घर से बाहर रहते हैं और असुरक्षित यौन संबंध बनाने की संभावना रहती है.

    आमजन में जागरूकता के माध्यम से ही इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. सीएमएचओ डॉ. खान ने युवाओं से अपील भी की है कि आने वाली पीढ़ी को एड्स से बचाने के लिए लापरवाही को पूरी तरह से नकार दें और संकोच छोडकर जांच कराने के लिए जनसमुदाय में अधिक से अधिक जानकारी फैलायें.

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजपाल सिंह ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि एड्स की बीमारी से बचाव हेतु संकोच छोड़कर समय पर जांच व उपचार के माध्यम से वायरस लोड को कम किया जा सकता है. एक बार इलाज शुरू हो जाने के बाद, डरने जैसी कोई बात नहीं होती है. ऐसे मरीजों की केयर करने की आवश्यकता होती है और नियमित दवाओं के सेवन के पश्चात मरीज सामान्य जैसा हो जाता है.

    ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष अभियान

    अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में एचआईवी के प्रति लोगों में बहुत कम जागरूकता है. इसके अभाव के चलते लोग इसके शिकार हो जाते हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुश्ताक खान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए हमने सीएचसी और पीएचसी स्तर पर आशा सहयोगिनी और एएनएम कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया है जिससे वह ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही एड्स और एचआईवी बीमारी के बारे में भी जानकारी देगी.

    Tags: Bhilwara news, Rajasthan news in hindi

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