लाइव टीवी

निकाय चुनाव: रसगुल्लों की मिठास वाले इस शहर में हर बार बदलता है निकाय प्रमुख

Satveer Singh Rathore | News18 Rajasthan
Updated: September 23, 2019, 5:54 PM IST
निकाय चुनाव: रसगुल्लों की मिठास वाले इस शहर में हर बार बदलता है निकाय प्रमुख
अपनी तरह के अलग मिजाज के इस शहर के निकाय प्रमुख पद पर जो भी एक बार बैठ गया उसे दुबारा कभी उस कुर्सी पर बैठने का मौका नहीं मिला है.फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

नगर निगम (municipal Corporation) के चुनाव को लेकर बीकानेर (Bikaner) में सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी-कांग्रेस (BJP-Congress) दोनों की नजरें महापौर (Mayor) के पद टिकी हैं. अपनी तरह के अलग मिजाज के इस शहर के निकाय प्रमुख पद पर जो भी एक बार बैठ गया उसे दुबारा कभी उस कुर्सी पर बैठने का मौका नहीं मिला है.

  • Share this:
बीकानेर. नगर निगम (municipal Corporation) के चुनाव को लेकर बीकानेर (Bikaner) में सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी-कांग्रेस (BJP-Congress) दोनों की नजरें महापौर (Mayor) के पद टिकी हैं. रसगुल्लों की मिठास वाले इस शहर की अपनी अलग तासीर है. अपनी तरह के अलग मिजाज के इस शहर के निकाय प्रमुख पद पर जो भी एक बार बैठ गया उसे दुबारा कभी उस कुर्सी पर बैठने का मौका नहीं मिला है. निकाय के नगर निगम बनने से पहले नगर परिषद (City Council)  और उससे पहले नगरपालिका (Municipality) रहते हुए अब तक 15 अध्यक्ष/सभापति/मेयर (Councilor / Chairman / Mayor) रहे हैं, लेकिन मजे की बात यह कि कोई भी रिपिट (Repeat) नहीं हुआ. सभी एक-एक बार ही रहे हैं.

कोई भी दुबारा निकाय प्रमुख नहीं बना
स्वतंत्रता के बाद से अब तक बीकानेर नगर पालिका, बीकानेर नगर परिषद और बीकानेर नगर निगम के रूप में इसमें 15 पालिकाध्यक्ष/सभापति और मेयर रहे हैं. इनमें धनपतराय, रावतमल पारीक, वैद्य गोविंद नारायण शर्मा, द्वारका प्रसाद पुरोहित, कांता खतूरिया, गोपाल कृष्ण जोशी, महेश सिंह, धुड़ाराम पारीक, जशोदा गहलोत, विजय कपूर, चतुर्भुज व्यास, अखिलेश प्रताप सिंह, मकसूद अहमद, भवानीशंकर शर्मा और नारायण चौपड़ा अध्यक्ष/सभापति/महापौर रहे हैं. इन 15 में से किसी को भी दूसरी बार निकाय प्रमुख की कुर्सी पर बैठने का मौका नहीं मिला.

वर्तमान में नारायण चौपड़ा हैं महापौर

वर्तमान में नगर निगम में नारायण चौपड़ा महापौर हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल में वार्डों में जैसे-तैसे करके सामंजस्य बिठाने का काम जरूर किया, लेकिन उनके खाते में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं जुड़ पाई. चौपड़ा को अपने कार्यकाल में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. हालांकि वे अपनी उपलब्धियां गिनाने में किसी भी तरह की कोई कोर कसर नहीं छोड़ते है, लेकिन छाप छोड़ने वाली कोई उपलब्धि उनमें शामिल नहीं हैं.

इस बार 60 की जगह हैं 80 वार्ड
अब फिर निगम के चुनाव को लेकर जोर आजमाइश का दौर शुरू हो गया है. परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या बढ़ गई है. इस बार 60 की जगह 80 वार्डों में चुनाव होंगे. पार्षद के लिए दावेदारी जताने वाले जोश खरोश के साथ वार्ड में हो रही समस्याओं का समाधान कराने के दावे कर रहे हैं. हालांकि निकाय चुनाव नवंबर में होने हैं, लेकिन चौसर अभी से ही बिछनी शुरू हो गई है.विधानसभा उपचुनाव: 2 सीटों पर लगी हैं 3 पार्टियों की नजरें, कौन मारेगा बाजी ? 

अलवर में मॉब लिंचिंग: पहलू खान से लेकर मुनफेद तक जारी है भीड़ का कहर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बीकानेर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 23, 2019, 5:46 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर