Lockdown: बीकानेर में इंसानों के साथ मूक प्राणियों की अनूठी सेवा, कुत्तों के लिए भी बनवाई जा रही हैं बल्क में रोटियां
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Lockdown: बीकानेर में इंसानों के साथ मूक प्राणियों की अनूठी सेवा, कुत्तों के लिए भी बनवाई जा रही हैं बल्क में रोटियां
अमृतसर में दो साल के मासूम को नोंच कर खा गए आवारा कुत्ते (सांकेतिक फोटो)

कोरोना (COVID-19) संकट काल में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जरुरतमंदों की सेवा करने के लिए प्रदेशभर में बहुत सी संस्थाएं और लोग जुटे हुए हैं, लेकिन बीकानेर की एक संस्था अनूठा काम कर रही है. यह संस्था गत करीब एक सप्ताह से विशेषकर कुत्तों (Dogs) के लिए भी प्रतिदिन आधा क्विंटल आटे की रोटियां बनवाकर उनकी भूख शांत करने का प्रयास कर रही.

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बीकानेर. कोरोना (COVID-19) संकट काल में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जरुरतमंदों की सेवा करने के लिए प्रदेशभर में बहुत सी संस्थाएं और लोग जुटे हुए हैं, लेकिन बीकानेर की एक संस्था अनूठा काम कर रही है. यह संस्था प्रतिदिन भोजन के करीब 3500 पैकेट बनाकर बांटने के अलावा मूक प्राणियों की सेवा भी कर रही है. खास बात यह है कि यह संस्था गत करीब एक सप्ताह से विशेषकर कुत्तों (Dogs) के लिए भी प्रतिदिन आधा क्विंटल आटे की रोटियां बनवाकर उनकी भूख शांत करने का प्रयास कर रही.

23 मार्च से चल रहा है सेवा का यह कार्य
यह संस्था है बीकाणा की कम्युनिटी वेलफेयर सोसायटी. यह संस्था प्रदेश में लॉकडाउन होने के बाद गत 23 मार्च से इस सेवा कार्य में जुटी है. संस्था के 80 सदस्य और आमजन के आर्थिक सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है. संस्था की ओर से प्रतिदिन भोजन के करीब 3500 पैकेट प्रशासन की ओर से तय किए गए बीकानेर के पश्चिमी इलाके में बंटवाए जाते हैं. यह पूरा भोजन एक ही जगह बनता है और इसे संस्था से जुड़े लोग ही बनाते हैं.

रोजाना 50 किलो आटे की रोटियां खासकर कुत्तों के लिए बनवाई जाती है



संस्था के अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी बताते हैं करीब सप्ताहभर पहले कुछ लोगों ने खाने के लिए मारे-मारे फिर रहे कुत्तों के प्रति चिंता जताई तो मूक प्राणियों की सेवा का काम भी शुरू किया गया. इसके तहत अब जरुरतमंद लोगों के साथ-साथ प्रतिदिन 50 किलो आटे की रोटियां खासकर कुत्तों के लिए बनवाई जा रही है. संस्था से जुड़े लोग शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर कुत्तों को ये रोटियां खिलाते हैं. वहीं जनसहयोग से प्रतिदिन 1 क्विंटल दाना पक्षियों के लिए और पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध करवाया जा रहा है.



संस्था के लोग सुबह से शाम तक सेवा कार्य में जुटे हैं.


मास्क, सेनेटाइजर और साबुनें भी बांट रहे हैं
कन्हैया लाल भाटी ने बताया कि संस्था की ओर से अभी तक करीब 5000 मास्क व सेनेटाइजर का भी वितरण किया जा चुका है. इस कार्य को भी जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है. मोहल्लों को सेनेटाइज करने का कार्य भी किया जा रहा है. वहीं हाल ही में साबुन कंपनी के जुड़े सोसायटी के सदस्य रोहित श्रीमाली के सहयोग से लोगों को साबुनों का वितरण भी कराया गया ताकि लोग कोरोना से बचाव के नियमित रूप से हाथ धोते रहें.

शहर में 5000 परिंडे भी लगाए जा रहे हैं
संस्था की ओर से शहर में पक्षियों के पानी के लिए करीब 5000 परिंडे लगाए जा रहे हैं. इनमें 900 परिंडे लगाए जा चुके हैं. संस्था के कार्यकर्ता मुरली गहलोत, अशोक कच्छावा, विनोद चावरीया, गौरीशंकर भाटी, सुरेश अर्चना नागर, सुशील सिंह भाटी, पन्नालाल सोलंकी और भीमराज सेवक आदि तन मन से सुबह 6 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक निरंतर सेवाएं दे रहे हैं.

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