• Home
  • »
  • News
  • »
  • rajasthan
  • »
  • 'हैट्रिक' पर टिकी है केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की नजरें, कल होगा फैसला

'हैट्रिक' पर टिकी है केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की नजरें, कल होगा फैसला

अर्जुनराम मेघवाल। फाइल फोटो।

अर्जुनराम मेघवाल। फाइल फोटो।

पीएम नरेन्द्र मोदी कैबिनेट के सदस्य बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल की नजरें इस बार 'हैट्रिक' पर टिकी हुई है. मेघवाल को पूरा विश्वास है बीकानेर की जनता का उन्हें इस बार भी पूरा आशीर्वाद मिला है.

  • Share this:
पीएम नरेन्द्र मोदी कैबिनेट के सदस्य बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल की नजरें इस बार 'हैट्रिक' पर टिकी हुई है. लगातार तीसरी बार बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी अुर्जनराम मेघवाल अपने इस ख्वाब को पूरा कर पाएंगे या नहीं इसका फैसला तो गुरुवार को मतगणना के बाद होगा. लेकिन मेघवाल को पूरा विश्वास है बीकानेर की जनता का उन्हें इस बार भी पूरा आशीर्वाद मिला है.

लोकसभा क्षेत्र बीकानेर- रिश्तों के 'भंवर' में फंसी है सीट, दो अधिकारियों के बीच मुकाबला

1953 में बीकानेर के किसमीदेसर गांव में एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे अुर्जनराम मेघवाल ने एमए, एलएलबी और एमबीए की डिग्री हासिल की है. स्कूल के समय से ही भाषण प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले अर्जुनराम ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय डाक एवं टेलीग्राफ विभाग में टेलीफोन ऑपरेटर के रूप में की. नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की. पढ़ाई लिखाई में रुचि होने के कारण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में भी जुटे रहे. 1982 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा उर्तीण कर वे राजस्थान उद्योग सेवा में आए. विभिन्न अहम पदों पर सेवाएं देने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत होकर चूरू में जिला कलक्टर के पद पर पदस्थापित हुए.

फाेटो एफबी।


लोकसभा में प्रखर वक्ता के रूप में बनाई पहचान
पूर्व उप मुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा के ओएसडी रह चुके अर्जुनराम विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम करते हुए बीजेपी से जुड़े भारत विकास परिषद, सेवा भारती, सीमा जन कल्याण परिषद, आदर्श विद्या मंदिर और कई अन्य संस्थानों के संपर्क में आए. वे उनसे लगातार जुड़े रहे. सामाजिक कार्यों में मेघवाल की रुचि और नेतृत्व के गुण को देखते हुए बीजेपी ने उनको सेवानिवृत्ति के बाद लोकसभा चुनाव 2009 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा. अपनी राजनीतिक पारी के पहले ही चरण से मेघवाल ने सफलता की सीढ़ियां चढ़ना शुरू कर दिया. बीकानेर का सांसद बनने के बाद उन्होंने लोकसभा में विभिन्न मुद्दों को उठाया और प्रखर वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई.

भंवर जितेन्द्र सिंह- अलवर सीट को बचाए रखने की जिम्मेदारी है सिंह के कंधों पर

दूसरी बार सांसद बने तो मोदी कैबिनेट में हुए शामिल
लोकसभा चुनाव- 2014 में बीजेपी ने मेघवाल को फिर चुनाव मैदान में उतारा तो वे दुबारा पार्टी की अपेक्षाओं पर खरे उतरे और दूसरी बार सांसद चुने गए. मेघवाल की पृष्ठभूमि और लोकसभा में उनकी परफोर्मेंस को देखते हुए उन्हें मोदी कैबिनेट में पहले वित्त व बाद में जल संसाधन जैसे अहम मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में जगह मिली. इसके साथ ही उन्हें अन्य अहम जिम्मेदारियों दी दी गईं, जिसे उन्होंने पूरी शिद्दत से निभाया.

फोटो एफबी।


भाटी की चुनौती के बीच लड़ा है चुनाव
अब तीसरी बार पार्टी ने उनको चुनाव लड़वाकर हैट्रिक बनाने का मौका दिया है. इस मौके को उन्होंने भुनाने की पुरजोर कोशिश की है. मेघवाल का मुकाबला उनके ही मौसरे भाई कांग्रेस प्रत्याशी सेवानिवृत्त आईपीएस मदन मेघवाल से हुआ है. मेघवाल के सामने इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती बीकानेर क्षेत्र के बीजेपी के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी की रही है. भाटी का मेघवाल से 36 का आंकड़ा है. भाटी ने मेघवाल को पुन: टिकट मिलने की संभावनाओं के चलते पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद वे खुलकर मेघवाल के खिलाफ मैदान में आ गए. मेघवाल ने इन्हीं झंझावतों से जूझते हुए यह चुनाव लड़ा है. देखना यह है कि वे इसमें कितने सफल हो पाते हैं या नहीं.

 

सफलता के रथ पर सवार नरेन्द्र खीचड़ क्या झुंझुनूं में फिर खिला पाएंगे कमल ?

 

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज