Home /News /rajasthan /

Rajasthan: नाबालिक से रेप के दोषी को आजीवन कारावास, मां ने गवाही तक नहीं दी, SHO ने लड़ा केस

Rajasthan: नाबालिक से रेप के दोषी को आजीवन कारावास, मां ने गवाही तक नहीं दी, SHO ने लड़ा केस

बीकानेर में 2 साल की बच्ची का बलात्कार हुआ था. तत्कालीन बीछवाल एसएचओ धीरेंद्र सिंह ने मां बनकर फर्ज निभाया और आरोपी को सजा दिलवाई.

बीकानेर में 2 साल की बच्ची का बलात्कार हुआ था. तत्कालीन बीछवाल एसएचओ धीरेंद्र सिंह ने मां बनकर फर्ज निभाया और आरोपी को सजा दिलवाई.

Rajasthan Crime Update: बीकानेर में 4 साल पहले 2 साल की बच्ची का बलात्कार हुआ. आरोपी तो फरार हुआ ही, साथ ही बच्ची के परिवारवाले भी गायब हो गए. मां को पता चला तब भी वह केस के लिए तैयार नहीं हुई. ये बात जांच कर रहे धीरेंद्र सिंह को अच्छी नहीं लगी. उन्होंने बच्ची को न्याय दिलाने की शपथ ले ली. उसके बाद वो जी-जान से इक केस के पीछे लग गए. मुश्किलें, ट्रांसफर, बच्ची की मां की उपेक्षा, सब कुछ सहकर भी उन्होंने ये केस नहीं छोड़ा. आखिरकार खुद परिवादी बने और आरोपी को सजा दिलवाई. ये पल उनकी जिंदगी का सबसे सुखद पल है.

अधिक पढ़ें ...

बीकानेर. बीकानेर में 4 साल पहले हुए 2 साल की बच्ची के रेप का फैसला आ गया है. कोर्ट ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर जंगल में फेंकने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यूं पढ़ने में ये तो आम दिनों में होने वाला साधारण सा केस लगता है, लेकिन इसकी कहानी असाधारण है. इस केस का फैसला जांच अधिकारी धीरेंद्र सिंह के लिए तपस्या करने जैसा है. इस केस में कई बार हुआ जब लगने लगा कि इसका फैसला नहीं आएगा, कई बार सिंह के ट्रांसफर हुए, कई बार तो पीड़ित बच्ची के घरवाले गायब हो गए, यहां तक कि मासूम की मां भी गवाही देने नहीं आई, लेकिन जांच अधिकारी ने हार नहीं मानी और खुद परिवादी बनकर केस को फैसले तक ले गए.

इस केस के बारे में जांच अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि फिलहाल वे जयपुर पुलिस कमिश्नर की टीम के सदस्य हैं. उनके मुताबिक, वे 5 साल पहले बीकानेर के बीछवाल थाने के प्रभारी थे. घटना साल 2016 के 20 मार्च की है. आरोपी छोटूराम ने दो साल की बच्ची का अपहरण किया और जंगल ले भागा. उसने वहां मासूम का रेप किया और मरने जंगल में ही छोड़ दिया. घटना की जानकारी मिलते ही वे टीम के साथ वहां पहुंचे और बच्ची को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले गए. वहां, डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची का बलात्कार हुआ है.

इस तरह किया संघर्ष

सिंह ने कहा कि मुझे यकीन नहीं हुआ कोई ऐसा भी कर सकता है? बच्ची के परिवार वालों को बुत तलाश किया, लेकिन कोई सामने नहीं आया. तब तक बच्ची की मां और बेटे के साथ गायब हो गई थी. सिंह ने जैसे-तैसे बच्ची की मां को तलाश कर लिया. सिंह तब और हैरान रह गए जब मां ने घटना का सुनने के बाद भी FIR दर्ज कराने से मना कर दिया. इसके बाद सिंह ने गांव वालों से कहा तो वे भी नहीं माने. जब केस को लेकर कोई फरियादी सामने नहीं आया तो सिंह ने खुद परिवादी बनकर FIR दर्ज करवाई.

मां की वजह से केस लटका 5 साल

गौरतलब है कि सिंह की FIR के बाद आरोपी छोटूराम जाट को गिरफ्तार कर लिया गया. मामला जब कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने मां को गवाही के लिए कई बार बुलाया. लेकिन, मां ने गवाही नहीं दी. पेशी के दौरान वो हर बार गायब हो जाती. उसका कहना था कि वो कोर्ट के चक्कर नहीं लगाना चाहती. इस वजह से पांच साल तक फैसला नहीं हो सका.

जहां एक वहां से रखी केस पर नजर

जांच अधिकारी धीरेंद्र सिंह के बताया कि वे इस बच्ची को किसी भी कीमत पर न्याय दिलाना चाहते थे. इस बीच उनका बीछवाल थाने से ट्रांसफर हो गया. उसके बाद उनका ट्रांसफर बीकानेर हुआ, फिर वे कहीं और भेज दिए गए. इस दौरान वे जहां-जहां भी रहे वहीं से मासूम के केस को देखते रहे. बार-बार बीकानेर आते, सबूत जुटाते. आखिरकार उनकी मेहनत सफल हो गई और मासूम के दष्कर्मी को आजीवन कारावास की सजा हुई.

मेरे जीवन का सबसे सुखद पल- सिंह

धीरेंद्र सिंह ने मीडिया से कहा कि मेरे जीवन का ये सबसे सुखद पल है. 2 साल की मासूम को उसके परिवार ने ही छोड़ दिया था. वे उसे न्याय नहीं दिलवाना चाहते थे. इस घटना ने मेरी अंतरात्मा हिला दी थी. मैंने वर्दी सिर्फ दिखाने के लिए नहीं पहनी थी. बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना था. जब मामला 2 साल की बच्ची का था तब मेरी जिम्मेदारी बढ़ गई थी.

Tags: Bikaner news, Rajasthan news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर