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आतंक के बीच फंसी मूंगफली, किसान और व्यापारी मायूस

आतंक के बीच फंसी मूंगफली, किसान और व्यापारी मायूस

फोटो-(ईटीवी)

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आप और हम सबके टाइम पास का साधन मूंगफली अब पाकिस्तान को निर्यात नहीं की जा रही है, जिससे मूंगफली की बम्पर पैदावार करने वाले किसान भी टाइम पास करने को मजबूर हो गए हैं.

    आप और हम सबके टाइम पास का साधन मूंगफली अब पाकिस्तान को निर्यात नहीं की जा रही है, जिससे मूंगफली की बम्पर पैदावार करने वाले किसान भी टाइम पास करने को मजबूर हो गए हैं.

    बीकानेर कृषि मंडी में बिक्री के लिए प्रतिदिन आने वाली मूंगफली की 60 से 70 हजार बोरियों से कृषि मंडी की रौनक गुलजार है, लेकिन विदेशों में निर्यात बंद हो जाने से किसान और मूंगफली व्यापारी मायूस हैं.

    कच्ची मंडी आढ़त संघ के अध्यक्ष मोतीलाल सेठिया के अनुसार आतंकवाद के चलते पाकिस्तान से भारत के रिश्तों में आई तल्खी का असर मूंगफली पर भी पड़ा है और वाघा बॉर्डर से मूंगफली का निर्यात बंद है.

    मोतीलाल के अनुसार पाकिस्तान के साथ-साथ यूरोप में भी मूंगफली का निर्यात होता था, जो व्यापारियों को महंगा पड़ता है. सेठिया ने बताया कि पकिस्तान को मूंगफली का निर्यात बंद हो जाने का मुख्य कारण व्यापारियों का पिछला बकाया भी है जो आतंकी घटनाओं के बाद पाकिस्तान के आयातकों ने अब तक चुकाया नहीं है और इसी के चलते व्यापारी अब और ज्यादा रिस्क लेना नहीं चाहते.

    दूसरी ओर बीकानेर सम्भाग में मूंगफली की बम्पर पैदावार करने वाले किसानों को मूंगफली का समर्थन मूल्य भी काम मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है.

    Tags: Bikaner news

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