सरकारी स्कूलों में Students का अनुपस्थित रहना अब पड़ेगा महंगा, होगा ये परिणाम...
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सरकारी स्कूलों में Students का अनुपस्थित रहना अब पड़ेगा महंगा, होगा ये परिणाम...
सरकारी स्कूल में अनुपस्थित रहने वाले स्टूडेंट्स पर होगी कार्रवाई

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अनुपस्थित रहना अब छात्र-छात्राओं को महंगा पड़ने वाला है. माध्यमिक शिक्षा विभाग अपने नियम सख्ती से लागू करने जा रहा है.

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बीकानेर. राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अनुपस्थित (absent) रहना अब स्टूडेंट्स (students ) को महंगा पड़ सकता है. शिक्षा विभाग (education department) ने अब लगातार सरकारी स्कूल(Government schools) में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के लिए सख्ती से नियम लागू किए हैं. नियमों के तहत अगर कोई छात्र 10 -15 दिन तक लगातार अवकाश पर रहता है तो स्कूल से उसका नाम काट दिया जाएगा. अगर किसी छात्र को छुट्टी लेनी है तो इससे पहले छात्र को इसके लिए स्कूल में एक आवेदन (application) देना होगा. छात्र ने अगर एप्लीकेशन नहीं दी तो उसका नाम स्कूल से कटना तय है. शिक्षा विभाग ने इसके लिए 8 बिंदुओं की एक गाइड लाइन तैयार की है. स्कूल में निरीक्षण के दौरान बच्चे लगातार अनुपस्थित पाए जा रहे थे जिसके बाद शिक्षा विभाग ने अब कड़ाई करते हुए यह गाइडलाइन तैयार की है.

माध्यमिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक मुकेश शर्मा ने न्यूज 18 को विस्तार से दी इसकी जानकारी


संस्था प्रधान अनुपस्थित रहने वाले छात्रों कि लगातार मॉनिटरिंग करेगा और इसके साथ ही जो छात्र अनुपस्थित हैं उनके परिजनों को बुलाया जाएगा. इसके साथ ही ये भी प्रयास किए जाएंगे कि बच्चे लगातार स्कूल आएं. माध्यमिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक मुकेश शर्मा ने बताया कि 9 वीं  से 12 वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि हम लोग चाहते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए और यह तभी संभव है जब वे लगातार कक्षा में उपस्थित रहें. विशेषकर ग्रामीण इलाकों में निरीक्षण के दौरान देखा जाता था कि नामांकन रजिस्टर में जितने स्टूडेंट्स के नाम दर्ज रहते हैं उनकी तुलना में स्टूडेंट्स कक्षाओं में बहुत कम रहते हैं. इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.



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