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बीकानेर: रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारी बैठे धरने पर, लंबित मांगों को पूरा करने की मांग

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से बार-बार समास्याओं के समाधान का वादा तो किया जाता है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जाता है.
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से बार-बार समास्याओं के समाधान का वादा तो किया जाता है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जाता है.

राजस्थान रोडवेज (RSRTC) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने प्रदेश स्तरीय 'मांग सप्ताह' के तहत आज से केन्द्रीय बस स्टैंड पर धरने की शुरुआत की. रिटायर्ड कर्मचारियों कहना है उनकी मांगों के प्रति सरकार कतई गंभीर (Serious) नहीं है.

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बीकानेर. राजस्थान स्टेट रोडवेज ट्रांसपोर्टेशन कॉरपॉरेशन (RSRTC) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार से एक सप्ताह के धरने की शुरुआत की. बीकानेर शहर के केंद्रीय बस स्टैंड पर लगाये गये इस धरने में सेवानिवृत्त कर्मचारियों (Retired employees) की मांग की है उनकी लंबे समय से चली आ रही लंबित मांगों को पूरा किया जाये. धरने में दर्जनों कर्मचारी शामिल हो रहे हैं.

18 से 22 जनवरी तक चलने वाले प्रदेशव्यापी 'मांग सप्ताह' के धरना कार्यक्रम शामिल हो रहे आक्रोशित रिटायर्ड कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार धरने प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है. इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक समेत कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार की ओर से बार-बार समास्याओं के समाधान का वादा तो किया जाता है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जाता है. इससे वे निराश हो चुके हैं. लिहाजा उन्हें एक सप्ताह तक धरना देने के लिये मजबूर होना पड़ा है.

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ये हैं प्रदेश स्तरीय मांगें
1- प्रतिमाह कम से कम एक माह के सेवानिवृत परिलाभ की स्थायी व्यवस्था की जाये.
2- सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारियों को नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए पारदर्शी ठोस एवं व्यवहारिक योजना लागू की जाये.


3- इस बारे में एसोसिएशन के प्रदेश कार्यालय की ओर से 10 जून 2019 को दिये गये ज्ञापन पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाये.
4- कर्मचारियों को जीवनसाथी सहित मिल रही नि:शुल्क यात्रा पास सुविधा उनकी मृत्यु के उपरांत भी उनके जीवित जीवनसाथी के लिए जारी रखी जाये.
5- जीपीएस सैंक्शन की ग्रेजुएटी की अधिकतम सीमा सरकार के नियमानुसार 1 जनवरी 2007 से ₹1000000 तथा 1 अक्टूबर 2017 से 2000000 रुपए की जाये.
6- जीपीएफ पेंशन और ग्रेजुएटी से जुड़ी सभी समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जाये.
7- चालकों और परिचालकों के भत्ते 2 अक्टूबर 1996 से विकसित किये जायें. कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति दिनांक तक की राशि के भुगतान के लिए विशेष अभियान चलाया जाये.



स्थानीय स्तर की मांगें
1- बकाया जांच प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जाये.
3- 9, 18, 27 एसीपी पुनरीक्षित निर्धारित समय पर कर भुगतान किया जाये.
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