Home /News /rajasthan /

राजेश पायलट: संजय गांधी ने रखा था ये नाम, जिस कोठी में दूध बेचते थे उसी में मंत्री बनकर रहे

राजेश पायलट: संजय गांधी ने रखा था ये नाम, जिस कोठी में दूध बेचते थे उसी में मंत्री बनकर रहे

पूर्व केंद्रीय मंत्री और किसान नेता राजेश पायलट.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और किसान नेता राजेश पायलट.

दूध बेचने के साथ-साथ राजेश अपनी पढ़ाई भी करते थे. वह म्यूनिसिपल बोर्ड स्कूल में पढ़ाई करते थे. जीवन के तमाम संघर्षों के बीच राजेश ने भारतीय वायुसेना के लिए क्वालिफाई किया और उनकी जिन्दगी यहां से बदली.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और किसान नेता राजेश पायलट (राजेश्वर प्रसाद सिंह विधूड़ी) की रविवार को जयंती है. कांग्रेस नेता रहे राजेश पायलट का जन्म 10 फरवरी 1945 को हुआ था. राजेश पायलट के परिजनों की माली हालत एक समय में बहुत अच्छी नहीं थी. परिवार चलाने के लिए वह दूध भी बेचते थे. वे जिस कोठी पर दूध बेचने के लिए जाया करते थे बाद में वे उसी में मंंत्री बनकर रहे.

    राजेश के दोस्त रमेश कौल ने बताया था कि इनकी माली हालत बहुत खराब थी. वह लोगों से कपड़ा लेकर पहनते थे. इतना ही नहीं वह एनसीसी में इसलिए शामिल हो गये क्योंकि वहां पहनने के लिए वर्दी मिला करती थी. स्कूल में होने वाली गतिविधियों में भी राजेश खूब हिस्सा लेते थे.

    उन्‍होंने सबसे पहला लोकसभा चुनाव राजस्‍थान की भरतपुर सीट से लड़ा था. इस दौरान ही संजय गांधी के कहने पर उन्‍होंने अपना नाम राजेश्‍वर सिंह विधूड़ी से बदलकर राजेश पायलट करा लिया था.

    बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार दूध बेचने के साथ-साथ राजेश अपनी पढ़ाई भी करते थे. वह म्यूनिसिपल बोर्ड स्कूल में पढ़ाई करते थे. जीवन के तमाम संघर्षों के बीच राजेश ने भारतीय वायुसेना के लिए क्वालिफाई किया और उकी जिन्दगी यहां से बदली.

    यह भी पढ़ें:  CA IPCC November 2018 Results : ICAI ने जारी किये रिजल्ट्स, यहां देखें अपना स्कोर

    बकौल रमेश, जहां हमें ट्रेनिंग मिल रही थी, एक बार वहां उस वक्त के वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह आये. वह हमारे सीने और कंधे पर विंग्स और स्ट्राइप्स लगा रहे थे. इसी दौरान राजेश ने रमेश ने कहा कि देख लेना एक दिन मैं इस पद पर जाऊंगा और मैं भी इनकी तरह लोगों के विंग्स और स्ट्राइप्स लगाउंगा.'

    यह भी पढ़ें: हैदराबाद के इस रेस्तरां में अब रोबोट सर्व करता है खाना, क्या जाना चाहेंगे आप?

    रमेश के अनुसार कई वीआईपी विमानों से आते थे और राजेश उन्हें देख कर कहते थे कि एक दिन तुम लोग भी ऐसे ही मुझे रिसीव करोगे. हम लोग उनकी बात सुन कर हंसते थे. राजेश की शादी साल 1974 में रमा से शादी हुई. राजेश ने साल 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध में भी भाग लिया था. हालांकि साल 1980 में हुए लोकसभा में के दौरान राजेश ने सोच लिया कि अब वायुसेना छोड़कर चुनाव लड़ें.

    यह भी पढ़ें: Video : जब तेज हवा के कारण आसमान में ही डगमगाने लगा प्लेन, पायलट की सूझबूझ से टला हादसा

    इसके बाद राजेश ने वायुसेना से इस्तीफा देकर साल 1980 में भरतपुर से चुनाव लड़ा और जीता. साल 1984 में राजेश ने दौसा से चुनाव लड़ा. राजेश साल 1996, साल 1998, साल 1999 में दौसा से चुनाव लड़े और जीते.

    यह भी पढ़ें: गरीबों के लिए आरक्षण लागू होने के बाद SSC ने निकाली 5 हजार पदों पर नौकरी, ऐसे करें आवेदन

    राजेश पायलट अपने राजनीतिक करियर में साल 1991-96 तक अलग-अलग मंत्रालयों में केंद्रीय मंत्री रहे. साल 2000 की 11 जून को एक कार दुर्घटना में उनका देहांत हो गया था. राजेश के बेटे सचिन पायलट फिलहाल राजस्थान के डिप्टी सीएम हैं. दौसा के पास सड़क हादसे में पिता राजेश पायलट के निधन के बाद सचिन ने उनकी राजनीतिक विरासत संभाली.

    बीते 16 साल से पायलट राजनीतिक जीवन में हैं. दरअसल, अपने पिता राजेश पायलट की मौत के बाद सचिन पायलट साल 2002 में 10 फरवरी को कांग्रेस में शामिल हुए.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स.

    Tags: Rajasthan news, Sachin pilot, Trending news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर