लाइव टीवी

बूंदी: मनरेगा श्रमिक की पत्नी बनी सरपंच, मतदाताओं ने वोट के साथ दिए नोट
Bundi News in Hindi

Chain Singh Tanwar | News18 Rajasthan
Updated: January 23, 2020, 4:48 PM IST
बूंदी: मनरेगा श्रमिक की पत्नी बनी सरपंच, मतदाताओं ने वोट के साथ दिए नोट
इस ग्राम पंचायत से सरपंच पद के लिए 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे.

पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के दूसरे चरण में मनरेगा श्रमिक (MNREGA Workers) की पत्नी ने चुनाव जीतकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया है. बूंदी जिले की हिंडौली-नैंनवा पंचायत समिति के हिंडौली ग्राम पंचायत (Hindauli Gram Panchayat) से मनरेगा श्रमिक की पत्नी मंजू बाई ढोली (Manju Bai Dholi) ने 1462 मतों के भारी अंतर से सरपंच का चुनाव जीता (Won the election) है.

  • Share this:
बूंदी. पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के दूसरे चरण में मनरेगा श्रमिक (MNREGA Workers) की पत्नी ने चुनाव जीतकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया है. जिले की हिंडौली-नैंनवा पंचायत समिति के हिंडौली ग्राम पंचायत (Hindauli Gram Panchayat) से मनरेगा श्रमिक की पत्नी मंजू बाई ढोली (Manju Bai Dholi) ने 1462 मतों के भारी अंतर से सरपंच का चुनाव जीता (Won the election) है. पंचायत के लोगों ने मंजूबाई को वोट ही नहीं नोट (Money) भी दिए हैं. मंजू बाई ने यह चुनाव पंचायत क्षेत्र के आमजन के आर्थिक सहयोग से जीता है.

18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे
हिंडौली ग्राम पंचायत के मनरेगा श्रमिक प्रभुलाल ढोली की पत्नी मंजू बाई ने 1462 मतों से जीत हासिल की है. मंजू बाई की जीत पर कस्बे में जमकर जश्न मनाया गया. इस ग्राम पंचायत से सरपंच पद के लिए 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे. मंजू बाई ने 2,461 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अशोक कुमार को 1462 मतो सें शिकस्त दी है.

अभी तक उनके पास अपना मकान तक नहीं है

नव निर्वाचित सरपंच मंजू बाई और उनके पति प्रभुलाल ने सरपंच की कुर्सी पर बिठाने के लिए कस्बे के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. मनरेगा में मजदूरी कर पत्नी और अपना गुजर बसर करने वाले प्रभुलाल के कोई संतान नहीं है. उनके पास अभी तक अपना मकान भी नहीं है. वे किराये के मकान में रहते हैं.

दोनों ने पैदल ही घर घर जाकर अपना प्रचार किया
सादगी से रहने वाले प्रभुलाल को उड़ीसा के बालासोर सांसद प्रतापचन्द सारंगी की भांति हिण्डौली सारंगी के नाम से जाना जाता है. इसके चलते कस्बे के लोगों ने प्रभुलाल की पत्नी को सरपंच का चुनाव लड़ाने से लेकर चुनाव में खर्च होने वाली राशि जनसहयोग से एकत्रित करने का वादा किया था. पति-पत्नी दोनों ने पंचायत क्षेत्र में बिना किसी साधन के पैदल ही घर घर जाकर अपना प्रचार किया था. दोनों की व्यवहार कुशलता से प्रभावित हुए कस्बे के मतदाताओं ने आखिरकार मंजू बाई पर भरोसा जताया और उनके सिर के पर सरपंची का ताज रख दिया. 

पंचायत चुनाव का रोचक मुकाबला, पति 11 वोट से जीता, पत्नी की जमानत जब्त

उदयपुर: पार्टी के प्रति आस्था की पराकाष्ठा, बेटे का नाम ही 'कांग्रेस' रख डाला

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बूंदी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 23, 2020, 3:39 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर