बूंदी के नगर परिषद सभापति महावीर मोदी कार्यकाल पूरा होने के ठीक पहले हुए निलंबित, ये है वजह...
Bundi News in Hindi

बूंदी के नगर परिषद सभापति महावीर मोदी कार्यकाल पूरा होने के ठीक पहले हुए निलंबित, ये है वजह...
बूंदी नगर परिषद सभापति ने अपने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया

राज्य सरकार (Rajasthan Government) ने बूंदी (Bundi) के नगर परिषद सभापति महावीर मोदी (Mahaveer Modi) को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की न्यायिक जांच के चलते उनका कार्यकाल पूरा होने के 4 दिन पहले सस्पेंड कर दिया. मोदी के निलंबन से उनके विरोधियों ने खुशी जताई है.

  • Share this:
बूंदी. राजस्थान के बूंदी शहर (Bundi City) कि नगर परिषद (City council) के वर्तमान सभापति महावीर मोदी (Mahaveer Modi) को राज्य सरकार (Rajasthan Government) ने कार्यकाल समाप्ति के चंद दिन पहले अचानक निलंबित (suspend) कर दिया है. उनका निलंबन विचाराधीन न्यायिक जांच के चलते किया गया है. सभापति व सदस्य पद से उनके निलंबन ने सबको चौंका दिया है. हालांकि सभापति महावीर मोदी के निलंबन से उनके विरोधियों ने खुशी व्यक्त की है.

विवादों में रहा पूरा कार्यकाल
निलंबित सभापति मोदी ने इसे राजनीतिक विद्वेष की भावना से भरी कार्रवाई बताते हुए कहा, कांग्रेस ने मेरी छवि को धूमिल किया है. जबकि अभी तक कोई दोष भी सिद्ध नहीं हुआ है, केवल जांच प्रभावित करने के बहाने से निलंबित किया गया है. उन्होंने कहा कि वो इस निलंबन की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे. बता दें कि नगर परिषद सभापति महावीर मोदी ने जब से कार्यभार संभाला तब से वे विवादों में घिरे रहे, उन पर कई प्रकार के भ्रष्टाचार व अनियमितता संबंधी आरोप लगते रहे और आरोपों की जांचें भी होती रहीं. कुछ जांचो में पहले उनको दोषी फिर निर्दोष बताए जाने को लेकर जांच रिपोर्टों पर भी सवाल उठाये गए. खास बात यह है कि सभापति महावीर मोदी के सबसे खास नगर परिषद आयुक्त रहे पंकज मंगल पिछले दिनों रामगंज मंडी में रिश्वत लेते ट्रैप हुए थे. जिसके बाद बूंदी के पार्षदों व अन्य लोगों ने खुशी का इजहार किया था. उनके निलंबन के बाद इन लोगों का कहना था कि आज उनकी खुशी दुगनी हो गई.

निलंबन का आधार
बता दें कि राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव दीपक नंदी ने सोमवार को एक आदेश जारी किया. जिसमें जिला कलेक्टर की एक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा गया है कि महावीर मोदी सभापति नगर परिषद बूंदी के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने और शिकायत के संबंध में जिला कलेक्टर बूंदी द्वारा विभाग को भेजी गई जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितता होना पाया गया है. महावीर मोदी सभापति के विरूद्व लगाए गए आरोप काफी गंभीर प्रकृति के पाए जाने के कारण जो दुराचरण की श्रेणी में आने से राज्य सरकार द्वारा उनके विरुद्ध राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (3) के अंतर्गत न्यायिक जांच करवाने का निर्णय दिनांक 8 जनवरी 2020 को लिया गया था. प्रकरण न्यायिक जांच के लिए प्रेषित किया जा चुका है, वर्तमान न्यायिक जांच विचाराधीन है. उक्त न्यायिक जांच में सभापति महावीर मोदी नगर परिषद बूंदी के पद पर बने रहने से न्यायिक जांच प्रभावित होने की संभावना है इस कारण सभापति एंव सदस्य पद से महावीर मोदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है.



ये भी पढ़ें- महेंद्र सिंह धोनी के पैतृक गांव में मायूसी, आज भी विकास से कोसों दूर है ल्वाली

अब तक के सबसे भ्रष्ट सभापति साबित हुए मोदी!
सूत्रों के मुताबिक सभापति महावीर मोदी के निलंबन के पीछे भाजपा का ही दूसरा धड़ा बताया जा रहा है, जिनके इशारों पर मोदी को निलंबित किया गया है. इस पटकथा की शुरूआत उस समय हो गई थी जब एक वार्ड के विकास कार्यों के लोकापर्ण में सभापति को नहीं बुलाकर स्थानीय विधायक को अतिथि बनाया गया था. नेता प्रतिपक्ष लोकेश ठाकुर के मुताबिक 15 दिन पूर्व रामगंज मंडी नगरपालिका ईओ की एसीबी द्वारा गिरफ्तारी के बाद भाजपा पार्षद मुकेश माधवानी, पार्षद रुखसाना परवीन और उन्होंने राज्य के स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को सभापति के विरुद्ध पुलिस और न्यायिक जांच के बारे में बताया था. जिसके फलस्वरूप निलंबन हुआ है. सभापति महावीर मोदी के निलंबन पर नेता प्रतिपक्ष लोकेश ठाकुर ने कहा कि अब तक के सबसे भ्रष्ट सभापति साबित हुए महावीर मोदी ने पूरे शहर को तहस-नहस कर जमकर भ्रष्टाचार किया. इस कारण आज उनको अपने कार्यकाल के 4 दिन पहले निलंबन का सामना करना पड़ा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज