मिलिए राजस्‍थान के 'मास्‍क मैन' से, 26 वर्षों से कभी नहीं छोड़ा इसका साथ

हरिशंकर गुर्जर को मास्क लगाने की अहमियत ढाई दशक पहले ही समझ में आ गई थी.
हरिशंकर गुर्जर को मास्क लगाने की अहमियत ढाई दशक पहले ही समझ में आ गई थी.

Mask man of Rajasthan: बूंदी हरिशंकर गुर्जर डॉक्टर की सलाह पर गत करीब ढाई दशक से लगातार मास्क (Mask) का उपयोग कर रहें हैं. वे अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सतर्क हैं.

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बूंदी. कोरोना संक्रमण (COVID-19) को फैलने से रोकने के लिये दुनियाभर में लोग चिकित्सकों की सलाह पर ऐहितायत के तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क (Mask) का उपयोग कर रहे हैं. केन्द्र और राज्य सरकारों ने भी इसे अनिवार्य कर रखा है. मास्क नहीं लगाने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है. लेकिन, राजस्थान के बूंदी जिले में एक शख्स ऐसा भी है जो बिना कोरोना के ही गत करीब ढाई दशक से मास्क का उपयोग कर रहा है. मास्क को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना चुका यह शख्स वर्तमान समय में सभी के लिये प्ररेणा स्त्रोत बना हुआ है. इस शख्स को मास्क मैन ऑफ राजस्थान (Mask man of rajasthan) भी कहा जाये तो कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी.

यह शख्स हैं बूंदी जिले के चमावली गांव निवासी हरिशंकर गुर्जर. वह पिछले 26 बरसों से लगातार मास्क लगा रहे हैं. हरिशंकर ने बरसों पहले दी गई डॉक्टर की सलाह को समझा और मास्क को जिंदगी का हिस्सा बना लिया. 26 साल पहले 1994 में हरिशंकर गुर्जर को किडनी की समस्या हुई तो वे इलाज के लिए मुंबई गए. वहां किडनी ट्रांसप्लांट हुआ. डॉक्टर ने हिदायत दी थी कि धूल और धुएं से बचने के लिए मास्क लगा कर रहना है. बस तब से आज तक हरिशंकर डॉक्टर की सलाह पर चल रहे हैं. हरिशंकर गुर्जर ने मास्क लगाने को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया. अब यह उनकी आदत और पहनावे का हिस्सा बन चुका है.

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मास्क को लेकर कभी भी लापरवाह नहीं रहे
हरिशंकर गुर्जर का कहना है की जैसे शरीर ढकने के लिए कपड़ों की जरूरत होती है, वैसे ही मेरे शरीर के लिए मास्क लगाना जरुरत बन चुका है. उनका कहना है की आज जब कोरोना संक्रमण के चलते लोगों को सरकार और प्रशासन द्वारा अभियान चला कर मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. वहीं, उनको मास्क लगाने की अहमियत ढाई दशक पहले समझ में आ गई थी. 1994 मुंबई में किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के बाद जब उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो वह मास्क को लेकर कभी भी लापरवाह नहीं रहे.

खुद और परिजन उनके स्वास्थ्य को लेकर हमेशा सतर्क
हरिशंकर का कहना है कि ढाई दशक पहले उन्होंने मास्क लगाना शुरू तब भी उन्होंने कोई झिझक महसूस नहीं की. सन 2015 में उन्हें दूसरी किडनी में भी समस्या हुई. जयपुर में दूसरी किडनी ट्रांसप्लांट करवाया. इसके चलते वे खुद और परिजन उनके स्वास्थ्य को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं. मास्क की अहमियत समझ में आ जाने से उनके साथ साथ परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से मास्क लगाते हैं.
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