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दलित दूल्हे ने घोड़ी पर बैठने के लिए पुलिस से मांगी मदद, 2 साल में दूसरा मामला
Jaipur News in Hindi

Chain Singh Tanwar | News18 Rajasthan
Updated: February 3, 2020, 3:00 PM IST
दलित दूल्हे ने घोड़ी पर बैठने के लिए पुलिस से मांगी मदद, 2 साल में दूसरा मामला
पुलिस सुरक्षा के बीच दूल्हे की बिंदोरी निकाली गई.

बूंदी के सगावदा गांव में पुलिस पहरे के बीच दलित दूल्हे (Dalit Groom) की बिंदोरी (बारात निकासी) निकाली गई. गांव में दलित दूल्हे के घोड़ी पर बैठने को लेकर तनाव की आशंका और दूल्हे के परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी.

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बूंदी. राजस्थान के बूंदी जिले में सदर थाना क्षेत्र के सगावदा गांव में सोमवार को एक दलित दूल्हे (Dalit Groom) की बिंदोरी (बारात निकासी) पुलिस पहरे के बीच निकाली गई. गांव में दलित दूल्हे के घोड़ी पर बैठने को लेकर तनाव की आशंका और दूल्हे के परिवार की गुहार पर ऐसा किया गया. गांव सगावदा में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब दूल्हे की बिंदोरी पुलिस सुरक्षा में निकली हो. इससे पहले करीब 2 वर्ष पूर्व एक पुलिस कांस्टेबल ने अपनी शादी की बिंदोरी में घोड़ी पर बैठने को लेकर पुलिस सुरक्षा की मांग की थी. तब भी पुलिस का ऐसा ही पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था. तब भी गांव में दलित दूल्हे के घोड़ी पर बैठने को लेकर दो पक्षों में मारपीट की आशंका जताई गई थी.

पुलिस ने दूल्हे को घोड़ी पर बैठाया, निकली बिंदोरी
जानकारी के अनुसार दूल्हा बने शिक्षक परसराम मेघवाल ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मांग की थी. पुलिस के अनुसार गांव गुर्जर बाहुल्य है और यहां पीड़ित परिवार की ओर से दूल्हे के घोड़ी पर बैठकर बिंदोरी निकालने पर गुर्जर समाज के लोगों की ओर से बिंदोरी मे अवरोध पैदा कलने की आशंका व्यक्त की गई थी. इसके बाद हिण्डोली डीएसपी श्याम सुन्दर बिश्नोई के नैतृत्व में भारी पुलिस जाब्ता सगावदा पहुंचा. सदर थाना पुलिस ने दलित दूल्हे परशुराम को घोड़ी पर बैठा कर बिंदोरी निकलवाई.

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दूल्हे के परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी.


दलित समाज का आरोप, इसलिए लेनी पड़ती है पुलिस की मदद
गांव में करीब 160 गुर्जर, प्रजापत और मेघवाल परिवार रहते हैं. इनमें गुर्जर समाज के 55, प्रजापत समाज के 35 घर हैं जबकि 70 परिवार दलित मेघवाल समाज के हैं. दलित समाज के अनुसार उनके दूल्हों को घोड़ी पर बैठ कर बिंदोरी निकालने से गांव में रोका जाता है. इसलिए उन्हें पुलिस की मदद लेनी पड़ती है.

गुर्जर-प्रजापत बोले- गांव का बदनाम कर रहा दलित समाजगुर्जर और प्रजापत समाज के लोगों का कहना है कि परसराम ने गांव के नाम को बदनाम किया है. उनका कहना है कि लोगों ने बिंदोरी के लिए परसराम को मना किए जाने की बात से इनकार करते हुए दूल्हे परसराम पर गांव की झूठी शिकायत कर गांव की बदनामी की है.

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First published: February 3, 2020, 2:49 PM IST
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