बूंदी में बंद पड़ी शुगर मिल को चालू करने के लिए धरना शुरू

बूंदी में बंद पड़ी केशवरायपाटन सहकारी शुगर मिल को चालू करने के लिए बुधवार से धरना शुरू हो गया. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वर्ष 2003 में परिवर्तन यात्रा के दोरान इस सहकारी शुगर मिल को फिर से चालू करने का वादा किया था.

Chain Singh Tanwar | ETV Rajasthan
Updated: March 14, 2018, 10:38 PM IST
बूंदी में बंद पड़ी शुगर मिल को चालू करने के लिए धरना शुरू
बूंदी में बंद पड़ी केशवरायपाटन सहकारी शुगर मिल को चालू करने के लिए बुधवार से धरना शुरू हो गया. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वर्ष 2003 में परिवर्तन यात्रा के दोरान इस सहकारी शुगर मिल को फिर से चालू करने का वादा किया था.
Chain Singh Tanwar | ETV Rajasthan
Updated: March 14, 2018, 10:38 PM IST
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही बूंदी जिले में पिछले 17 वर्षो से बंद पड़ी केशवरायपाटन सहकारी शुगर मिल को चालू करने का मुद्दा फिर से गरमाने लगा है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वर्ष 2003 में शुगर मिल चालू करने के सबंध में किया गया वादा याद दिलाने के लिए फिर से आंदोलन पर उतरे मिल के अंशधारी किसानों ने बुधवार से शुगर मिल के मुख्य द्वार पर अनिश्चतकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया है.

इस दोरान आंदोलनरत किसानों का कहना है कि क्षेत्र की लाइफ लाइन माने जाने वाली केशवरायपाटन सहकारी शुगर मिल के बंद होने के कारण क्षेत्र का विकास पूर्ण रूप से अवरुद्द हो गया है. जिसके चलते पिछले 17 वर्षो से बंद केशवरायपाटन सहकारी शुगर मिल के फिर से चालू करवाने की मांग को लेकर लगातार किए जा रहे आंदोलन के चलते चुनावो में हर बार कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल मिल को चालू करने के वादे करते हैं. लेकिन चुनावो के बाद सरकार बना कर उक्त वादों को भूल जाते हैं. इसी वजह से  आज तक चालू नही हो पाई है.

ऐसे में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा वर्ष 2003 में परिवर्तन यात्रा के दोरान इस सहकारी शुगर मिल को फिर से चालू करने के किए  गए  वादे को याद दिलाकर मिल को फिर से चालू करवाने के लिए उऩ्होने  अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया है.
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