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बूंदी के इस गांव के लोगों की नाव के सहारे ही चलती है जिंदगी

Chain Singh Tanwar | News18 Rajasthan
Updated: January 17, 2019, 8:37 AM IST

बूंदी जिले बरुधन गांव के लोगों की नाव के सहारे ही जिंदगी चलती है. घोड़ा पछाड़ नदी पर पुल नहीं है और नाव से ही बच्चे स्कूल जातें है या बीमार को अस्पताल के लिए नदी पार ले जाते हैं.

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बूंदी जिले के बरुधन गांव के पास से निकल रही घोड़ा पछाड़ नदी पर पुल के अभाव में गांव के लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर नाव के जरिए नदी पार करने को मजबूर हैं.  वर्षो से लोग पुल बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. लोगों को अपने दैनिक कार्यों के लिए नाव में बैठ कर नदी पार करना पड़ता है. पुल के अभाव में परेशान गांव के लोगों का कहना है कि  सरकारें तो बदल गईं लेकिन उनके गांव की किस्मत आज तक नहीं बदली है. उनका कहना है कि पुल के अभाव में स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर बीमार लोगों तक को नाव से ही नदी पार जाना पड़ता है.

ऐसे में बरसात के समय नदी में पानी का प्रवाह तेज हो जाने से नाव का संचालन भी बंद हो जाता है और गांव  टापू के रूप में तब्दील हो जाता है. बच्चों को स्कूल से वंचित होना पड़ता है और बीमार और प्रसूताओं को उपचार के अभाव में काल का शिकार बनना पड़ता है. गांव के लोगों की ओर से कई बार एसडीएम, कलेक्टर, विधायक और सांसद से  गुहार लगाई गई लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है.

उक्त मामले में कलेक्टर रुक्मिणी रियार कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से कतरा रही हैं.  पुलिया के लिए अपने स्तर से  हर साल प्रस्ताव बना कर राज्य सरकार को भेजे जाने की बात कह रहे सार्वजनिक निर्माण विभाग अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार बैरवा राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद ही पुलिया बना पाने की बात कह रहे है.
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First published: January 17, 2019, 8:37 AM IST
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