Home /News /rajasthan /

125 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ा बंदर, फिर नीचे नहीं उतर पाया, 9 दिन फंसा रहा

125 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ा बंदर, फिर नीचे नहीं उतर पाया, 9 दिन फंसा रहा

बूंदी शहर के चंपाबाग क्षेत्र में पिछले 9 दिनों से 125 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर फंसे बंदर को किया गया रेस्क्यू

बूंदी शहर के चंपाबाग क्षेत्र में पिछले 9 दिनों से 125 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर फंसे बंदर को किया गया रेस्क्यू

Bundi News: बूंदी जिले चंपाबाग क्षेत्र में एक बंदर 125 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ तो गया लेकिन उतर नहीं पाया. बंदर 9 दिन तक वहीं फंसा रहा. टॉवर के सामने गणेश जी के मंदिर के पुजारी ने कई लोगों से मदद मांगी. अंत में बूंदी उपवन संरक्षक ने रेस्क्यू अभियान चलाया जो कि 8 घंटे तक चला.

अधिक पढ़ें ...

बूंदी. शहर के चंपाबाग क्षेत्र में पिछले 9 दिनों से 125 फीट की ऊंचाई के मोबाइल टॉवर पर फंसे हुये बंदर को 8 घंटे से अधिक समय चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया गया. 9 दिन पहले बंदर मोबाइल टॉवर पर चढ़ तो गया लेकिन नीचे नहीं उतर पाया. टॉवर के सामने गणेश जी के मंदिर के पुजारी ने कई लोगों से मदद मांगी लेकिन टॉवर की ऊंचाई इतनी अधिक थी कि कोई भी कुछ नहीं कर पाया. फिर पुजारी राजू सैनी ने बंदर की जान बचाने के लिये कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा से मदद मांगी. शर्मा देर रात ही मौके पर पहुंचे और शुक्रवार सुबह से रेस्क्यू अभियान चलाना तय किया गया.
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक गौतम और उमेश अग्रवाल ड्रोन लेकर पहुंचे और 150 फीट की ऊंचाई पर ले जाकर टॉवर पर बंदर की वस्तुस्थिति को देखा. ड्रोन से नजर आया बंदर काफी ऊंचाई पर है.

एडीएम के निर्देश पर पहुंची टीम
कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने अतिरिक्त जिला कलक्टर अमानुल्लाह खान को दूरभाष पर संपूर्ण स्थिति से अवगत करवाया और बंदर के रेस्क्यू के लिये टीम भेजने का आग्रह किया. एडीएम ने बूंदी उपवन संरक्षक सोनल जोरीहार, नगर परिषद आयुक्त महावीर सिसोदिया व सिविल डिफेंस टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए. बूंदी नगर परिषद, सिविल डिफेंस वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जनसहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. वन विभाग की ओर से रेंजर मनीष शर्मा, बूंदी नगर परिषद की ओर से प्रमोद शर्मा, हयाज भाई, कालूलाल हरित, सिविल डिफेंस की ओर से युधिष्ठिर मीणा व टीम, सामाजिक कार्यकर्ता विवेक सिंह, कुणाल पारीक व सादिक खान पहुंचे.

टॉवर पर सुरक्षा उपकरण नहीं होने से आई बाधा
रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ करने में टॉवर पर सुरक्षा उपकरण नहीं होने से काफी देर तक बाधा आई. 125 की ऊंचाई पर क्रेन या किसी भी मशीनी उपकरण के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किया जा सकता था. टॉवर पर चढ़ने के लिए सुरक्षित सीढ़ी तक नहीं थी, जो सीढ़ीनुमा जगह थी, वह इतनी नुकीली थी कि हाथ से अच्छी तरह पकड़ी भी नहीं जा रही थी. यह विडंबना रही कि जिस नगर परिषद ने बिना भौतिक सत्यापन किए यहां पर असुरक्षित टॉवर की एनओसी जारी की, शुक्रवार को उस नगर परिषद के कर्मचारी ही टॉवर पर चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके.

टॉवर पर केले बांधकर उतारा
रेस्क्यू के लिये नगर परिषद की हाई मास्क लाइट ठीक करने वाली मशीन में बैठाकर 50 फीट की ऊंचाई तक बचाव दल के सदस्य युधिष्ठिर मीणा व उनके सहयोगी को केले और रोटी लेकर पहुंचाया गया. 50 फीट की ऊंचाई के बाद रस्सी व अन्य सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से सिविल डिफेंस के दोनों जवान टॉवर पर चढ़े और उन्होंने लगभग 5 फीट की ऊंचाई के अंतराल में ऊपर से लेकर काफी नीचे तक केले बांध दिए. शुरुआत में भूखा होने के बावजूद काफी देर तक बंदर झिझकता रहा लेकिन जब उसने टॉवर की ऊंचाई से दो लोगों को बार-बार चढ़ते उतरते देखा तो कुछ देर बाद उसने भी धीरे-धीरे नीचे उतरना शुरू किया.

भूख से व्याकुल बंदर बीच-बीच में ठहर कर धीरे-धीरे नीचे उतरकर टॉवर बीच में बंधे हुये केलो तक पहुंचा और केले खाते-खाते काफी नीचे आ गया. जब बंदर ने देखा कि वह पेड़ की ऊंचाई के बराबर आ गया है तो उसने केलो को भी छोड़ दिया और जल्दी से नीचे उतर आया.

बंदर उत्तरा तो छायी खुशी की लहर
सुबह नौ बजे से दोपहर ढाई बजे तक लगभग साढ़े पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टॉवर के नीचे काफी लोग एकत्रित हो गए थे. 5 घंटे से अधिक समय की कड़ी मशक्कत के बाद जब 2:30 बजे के लगभग बंदर टॉवर से नीचे उतरा तो वहां उपस्थित सैकड़ों लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई.

Tags: Bundi, Rajasthan news, Rajasthan news in hindi

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर