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डाबी क्षेत्र के लिए अभिशाप बनी सिलिकोसिस बीमारी

Chain Singh Tanwar | ETV Rajasthan
Updated: December 11, 2017, 4:40 PM IST
डाबी क्षेत्र के लिए अभिशाप बनी सिलिकोसिस बीमारी
बीमारी से पिता की मौत के बाद दाने- दाने को मोहताज हैं ये बच्चे फोटो- ईटीवी 

बूंदी जिला प्रशासन के उदासीन रवैए के कारण डाबी क्षेत्र में सिलिकोसिस बीमारी अभिशाप बनी है. क्षेत्र के सैकड़ों लोग इस बीमारी की चपेट में हैं.

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बूंदी जिला प्रशासन के उदासीन रवैए के कारण डाबी क्षेत्र में सिलिकोसिस बीमारी अभिशाप बनी है. क्षेत्र के सैकड़ों लोग इस बीमारी की चपेट में हैं. उपचार और सरकारी मदद के अभाव में ये लोग दर- दर भटकने को मजबूर हैं.

सिलिकोसिस बीमारी से घर के मुखिया की मोत हो जाने से बर्बाद हुआ पीलिया निवासी एक बंजारा परिवार ढाई सालो से सरकारी मदद के लिए दर दर भटक रहा है. बूंदी जिले के बरड़ क्षेत्र में श्रमिको के लिए कहर बनी सिलिकोसिस बीमारी से पिछले चार वर्ष में 43 लोगों की मोत हो चुकी है. करीब 300 लोग इससे ग्रस्त हैं.

ऐसे में खान मालिक बगैर सुरक्षा उपकरणों के श्रमिकों से खानों में काम करवा रहे हैं और चिकित्सा विभाग शिविरों के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है. इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या निरंतर बढ़ती ही जा रही है.

पीलिया निवासी गोपाल बंजारा की ढाई वर्ष पूर्व हुई मौत के बाद सरकारी मदद के लिए भटक रही उसकी पत्नी धुलीबाई और पांच बेटियों ने तालेड़ा बीडीओ और एसडीएम से लेकर समाज कल्याण अधिकारी तक कई बार मदद की गुहार लगा चुकी हैं लेकिन मदद तो दूर उनका अभी तक परिवार का खाद्य सुरक्षा लिस्ट में भी नाम नहीं जुड़ पाया है.

ऐसे में बेटियां मां के साथ खानों मजदूरी कर अपना पेट भरने को मजबूर हैं. बरसात के समय खानों में काम बंद हो जाने इस परिवार को मजदूरी नहीं मिलती और परिवार को भूखे सोना पड़ता है.

 

 

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First published: December 11, 2017, 1:27 PM IST
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