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तहसीलदार ने बढ़ाई बूंदी शहर के लोगों की परेशानी

ETV Rajasthan
Updated: December 6, 2017, 10:41 AM IST
तहसीलदार ने बढ़ाई बूंदी शहर के लोगों की परेशानी
फोटो- ईटीवी

जंगल की जद में आ रहे बूंदी शहर के खसरा संख्या 2 की 202 बीघा भूमि का तहसीलदार ने वन विभाग के नाम इंतकाल (नामांतरण करना) खोल दिया.

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जंगल की जद में आ रहे बूंदी शहर के खसरा संख्या 2 की 202 बीघा भूमि का तहसीलदार ने वन विभाग के नाम इंतकाल (नामांतरण करना) खोल दिया. इस वजह से शहर के आबादी क्षेत्र में बसे रजतगृह, नवजीवन, संजय कालोनी और जनता कालोनी के लोगों की परेशानियां फिर से बढ गई हैं.

हालांकि उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाए बगैर तहसीलदार न वन विभाग के नाम इंतकाल खोले जाने का मामला सामने आते ही कलक्टर ने तुरन्त प्रभाव से तहसीलदार चतरराम मीण को एपीओ कर दोषी पटवारी को 16सीसीए का नोटिस दे दिया हैं. गौरतलब हैं की 1982 में रामगढ़ अभयारण्य की स्थापना के समय अभयारण्य क्षेत्र में शामिल किए गए उक्त आबादी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पांच वर्ष पूर्व गैरवानिका कार्यों पर रोक लगा दिए जाने से लोगों को उक्त आबादी क्षेत्र के अभयारण्य क्षेत्र के शामिल होने के सबंघ में पता चला था.

जिसके बाद उक्त आबादी को अभयारण्य क्षेत्र से मुक्त करवाने के लिए स्थानीय लोगों सहित कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने उग्र आंदोलन किए थे. जिसके बाद राज्य सरकार ने वन विभाग को उक्त आबादी क्षेत्र की भूमि के बदले जवाहरसागर अभयारण्य में धनेश्वर के पास अन्य भूमि दे दी थी. जिसे इसी वर्ष जनवरी माह में सुप्रीम कोर्ट की इम्पावर्ड कमेटी द्वारा बूंदी शहर के अभयारण्य क्षेत्र से मुक्त हो जाने की मोहर लगाई थी.

 

(रिपोर्ट- चैनी सिंह तंवर )

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First published: December 6, 2017, 10:41 AM IST
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