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राजस्थान के मजदूर की रूस में मौत, 95 दिनों से नहीं हुआ अंतिम संस्कार, विदेश मंत्रालय से गुहार

राजस्थान के मजदूर की रूस में मौत, 95 दिनों से नहीं हुआ अंतिम संस्कार, विदेश मंत्रालय से गुहार

परिवार ने हितेन्द्र गरासिया के शव के स्वदेश लाने की मांग की है.

परिवार ने हितेन्द्र गरासिया के शव के स्वदेश लाने की मांग की है.

Rajasthan News: राजस्थान से रोजगार की तलाश में रूस गए एक मजदूर की 17 जुलाई मौत हो गई. अभी तक हितेन्द्र गरासिया का अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ है.

बूंदी. राजस्थान से रोजगार की तलाश के लिए रूस (Russia) गए उदयपुर (Udaipur) के गोड़वा गांव निवासी हितेन्द्र गरासिया नामक एक श्रमिक का निधन हो गया. अब पिछले 95 दिनों से मजदूर का शव अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा है. अब हितेन्द्र के शव को वापस लाने की कवायद हो रही है. राजस्थान के श्रमिक के शव को स्वदेश लाने की मांग को लेकर बूंदी के युवा कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने विदेश मंत्रालय को खून से पत्र भी लिखा है. राजस्थान के उदयपुर के गोडवा गांव से रोजगार के लिए रूस गए हितेन्द्र गरासिया नामक श्रमिक की 17 जुलाई को मौत हो गई.

मौत के बाद अब शव की स्वदेश वापसी नहीं हो पाने से शव पिछले 95 दिनों से अंतिम संस्कार का इंतजार  कर रहा है. हितेन्द्र गरासिया के शव की स्वदेश वापसी नहीं हो पाने के
कारण शव के अंतिम संस्कार को लेकर परेशान हो रहे हितेन्द्र के परिजनों का
रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है.

कांग्रेस नेता ने लिखा खत

हितेन्द्र के परिजनों ने बूंदी के युवा कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा से शव को अंतिम संस्कार के लिए स्वदेस लाने
की गुहार लगाई. इसके बाद हरकत में आए युवा नेता चर्मेश शर्मा ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा कर हितेन्द्र गरासिया के शव की स्वदेश वापसी की मांग की है. बुधवार को बूंदी हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में नेताजी सुभाष चन्द बोस की प्रतिमा के सामने विदेश मंत्रालाय को अपने खून से पत्र लिखकर उदयपुर के गोड़वा निवासी हितेन्द्र गरासिया के शव की ससम्मान अंतिम संस्कार के लिए शव को रूस से भारत लाए जाने की गुहार लगाई है.

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इस दोरान खून से पत्र लिखने वाले युवा नेता चर्मेश शर्मा का कहना है कि मोत के बाद सम्मानपूर्वक शव का अंतिम संस्कार करना मृतक के शरीर का वैधानिक, प्राकृतिक और ईश्वरीय अधिकार है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को पीड़ित गरीब मजदूर परिवार की व्यथा को समझकर हितेन्द्र गरासिया के शव की सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार के लिए स्वदेश लाना चाहिए ताकि परिजन अपने हाथों से हितेन्द्र का अंतिम संस्कार कर सकें.

Tags: Crime in Rajasthan

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