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Rajasthan News: सांवलिया जी मंदिर के भंडारे में 5.5 करोड़ की नगदी के साथ मिला 1 KG सोने का बिस्किट

श्री सांवलिया जी मंदिर का भंडार खोले जाने के बाद पहले दिन बड़े नोटों की गणना की जाती है. वहीं उसके बाद छोटे नोटों की गणना होती है. फिर सिक्कों की काउंटिंग की जाती है.

श्री सांवलिया जी मंदिर का भंडार खोले जाने के बाद पहले दिन बड़े नोटों की गणना की जाती है. वहीं उसके बाद छोटे नोटों की गणना होती है. फिर सिक्कों की काउंटिंग की जाती है.

Shri Sanwaliya Ji Temple News: चितौड़गढ़ के सुप्रसिद्ध श्री सांवलिया मंदिर के भंडारे से इस बार भी भारी मात्रा में धन रा ...अधिक पढ़ें

    सुभाष बैरागी.

    चित्तौड़गढ़. राजस्थान के मेवाड़ में सांवलियाजी में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर (Shri Sanwaliya Ji Temple) का भंडार रविवार को खोला गया. भंडार से दो दिन में 5 करोड़ 48 लाख 57 हजार 500 रुपये निकले हैं. इस दौरान इस राशि के साथ 1 किलो सोने का बिस्किट (Gold Biscuit) और चांदी के आभूषण भी मिले हैं. सांवलिया सेठ के मंदिर का जब भी भंडार (दानपात्र) खोला जाता है तो उसमें श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई भारी राशि निकलती है. सोने -चांदी के आभूषण निकलना भी आम बात है. लेकिन इस बार एक किलो सोने का बिस्किट देखकर भंडार में राशि की गणना करने वाले कर्मचारी भी अचंभित रह गये. भंडारे में गणना अभी जारी है.

    यहां के सांवलिया जी को सांवलिया सेठ भी कहा जाता है. मंदिर में हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर परंपरा अनुसार दान पत्र खोला जाता है और भेंट राशि की गणना की जाती है. रविवार के दिन सांवलिया जी के भंडार में से 4 करोड़ 53 लाख 48000 रुपये निकले थे. सोने-चांदी के आभूषणों के साथ 1 किलो सोने बिस्किट भी मिला. भंडार से प्राप्त राशि की गणना लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही. सोमवार को भंडार से 95 लाख 9हजार 500 रुपये की राशि प्राप्त हुई है.

    1000000 की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई है
    भंडार खोले जाने के बाद पहले दिन बड़े नोटों की गणना की जाती है. वहीं उसके बाद छोटे नोटों की गणना होती है. फिर सिक्कों की काउंटिंग की जाती है. भंडार में अथाह राशि आने के कारण इसकी गणना में काफी समय लगता है. इस बार सांवलिया सेठ के भंडार से 1000000 की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई है. दो दिन की गणना में अब तक कुल 5 करोड़ 48 लाख रुपये से ज्यादा की राशि प्राप्त हुई है. अमावस्या के अवसर पर पुजारियों ने भगवान को स्नान करा स्वर्ण पोशाक पहनाई और ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया.

    एक बार की गणना न्यूनतम सप्ताहभर चलती है
    उल्लेखनीय है कि सांवलिया जी के प्रति देशभर के लोगों में जबर्दस्त आस्था है. यहां विभिन्न अवसरों पर बड़े आयोजन भी होते रहते हैं. इन आयोजनों में जबर्दस्त भीड़ उमड़ती है. फिलहाल कोरोना के कारण भीड़भाड़ काफी कम है. यहां आने वाले कई श्रद्धालु बड़ी मात्रा में धन राशि और सोने तथा चांदी के आभूषण सांवलिया सेठ को चढ़ाते हैं. एक बार की गणना न्यूनतम सप्ताहभर चलती है.

    Tags: Rajasthan latest news, Rajasthan News Update, Religious Places

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