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शनिदेव के वे मंदिर, जहां दर्शन मात्र से दूर होते हैं शनि दोष

Anoop Pandey | News18 Rajasthan
Updated: June 29, 2019, 8:10 AM IST
शनिदेव के वे मंदिर, जहां दर्शन मात्र से दूर होते हैं शनि दोष
शनि महराज मंदिर, चित्तौडगढ़

शनि की वक्र दृष्टि से भी हर इंसान बचना चाहता है. इसीलिए लोग शनिदेव की पूजा के दौरान विशेष सावधानी बरतते हैं.

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भगवान शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है. सूर्य पुत्र शनिदेव को सभी ग्रहों में सबसे प्रभावशाली माना जाता है. वह मनुष्‍य के साथ उसके कर्मों के आधार पर न्याय देते हैं. साथ ही शनि की वक्र दृष्टि से भी हर इंसान बचना चाहता है. इसीलिए लोग शनिदेव की पूजा के दौरान विशेष सावधानी बरतते हैं. न्यूज 18 आपको देश के उन प्रसिद्ध शनिधाम के बारे में बताने जा रहा है, जहां दर्शन करने से मनुष्य के कष्ट दूर होते हैं.

शनि महराज मंदिर, चित्तौडगढ़-

शनि देव का यह मंदिर आली गांव में स्थित है, जिसे शनि महाराज के नाम से भी जाना जाता है. यह सांवलिया सेठ प्राकट्य स्थल मंदिर, भादसोड़ा चौराहा से 8 किलोमीटर दूर है. इसे चमत्कारी मंदिर भी कहा जाता है. यहां शनिदेव को चढ़ाया जाने वाला तेल एक प्राकृतिक कुंड में इक्ट्ठा होता है. इस तेल का उपयोग चर्म रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है. प्रचलित किवदंती के मुताबिक कई बार इस कुंड के तेल को व्यवसायिक उपयोग के लिए निकाला गया तो उसके चमत्कारी गुण समाप्त हो गए.

इस मंदिर में सबसे पहले पूजा-पाठ स्वर्गीय महाराज श्री रामगिरी जी रेबारी ने शुरू की थी. उनके परलोक गमन के बाद उनकी समाधि स्थल के लिए नींव खोदी जा रही थी. इस दौरान जमीन से तेल निकलने लगा जिसे कुंड के रूप में स्थापित किया गया. कुंड के बगल में समाधि स्थल बनाया गया.

शनि शिंगणापुर-

न्याय के देवता शनिदेव की सबसे प्रसिद्ध और खास मंदिरों में से एक है. यह महाराष्ट्र कै शिंगणापुर नाम के जगह पर स्थित है. मान्यता है कि यह शनिदेव की जन्मस्थली है. यह मंदर महाराष्ट्र के अहमदनगर से करीब 35 किलोमीटर दूरी पर है. खास बात है कि यहां मंदिर नहीं है. शनिदेव खुले आसामान के नीचे विराजमान हैं. इस गांव में किसी भी घर में ताला नहीं लगाया जाता क्योंकि यहां सभी घरों की सुरक्षा स्वयं शनिदेव महाराज करते हैं. इस चमत्कारी शनि मंदिर में स्थित शनिदेव की प्रतिमा लगभग पांच फीट नौ इंच ऊंची व लगभग एक फीट छह इंच चौड़ी है.

शनि मंदिर उज्जैन-
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मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी नाम से प्रसिद्ध उज्जैन में सांवेर रोड पर प्राचीन शनि मंदिर है. यहां भी शहर के साथ ही देश-विदेश से लोग दर्शन के लिए आते हैं. इस मंदिर में नवग्रहों की प्रतिमा भी है, जो इस मंदिर को खास बनाती है. मंदिर के पास से ही शिप्रा नदी प्रवाहित होती है. शनिदेव के भक्त और शनि प्रकोप से प्रभावित लोग यहां दूर-दूर से दर्शन करने पहुंचते हैं.

शनि धाम, प्रतापगढ़-

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में विश्वनाथगंज बाजार से लगभग 2 किलोमीटर दूर कुशफरा के जंगल में शनिदेव का यह प्राचीन मंदिर लोगों के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र है. भगवान शनि के इस मंदिर को शनि धाम के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्त के हर कष्ट दूर होते हैं. यहां हर शनिवार भगवान शनि को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है.

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First published: June 29, 2019, 8:05 AM IST
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