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15 महीनों तक बेटे ने छुपाए रखा बाप के कत्ल और लाश का राज़
Chittorgarh News in Hindi

sambrat chaturvedi | News18Hindi
Updated: January 22, 2019, 6:05 PM IST
15 महीनों तक बेटे ने छुपाए रखा बाप के कत्ल और लाश का राज़
सांकेतिक चित्र

सवा साल बाद राज़ खुला कि बेटे ने ही अपने पिता की हत्या की थी. बाप को कोई बेटा भला ऐसे ही क्यों मारेगा? वजह भी उतनी ही चौंकाने वाली निकली, जितनी हैरत में डालने वाली राजस्थान की ये वारदात थी.

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  • Last Updated: January 22, 2019, 6:05 PM IST
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पिछले 15 महीने से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले के रावत का तालाब इलाके से 55 वर्षीय रामेश्वर लापता था. घर-परिवार और आस पड़ोस के लोगों ने खूब मशक्कत की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा. आखिर रामेश्वर की हत्या का ऐसा खुलासा हुआ जिसके बारे में जिसने सुना, दंग रह गया. जो बेटा पिछले साल भर से अपने बाप की खोजबीन में जुटा था, आखिर वही कातिल निकला.

सुरेश के मन में अपने पिता रामेश्वर को लेकर एक शक घर कर कर गया था. उसे लगता था कि रामेश्वर जादू-टोना करता था. घर में सुरेश की मां और बहन की तबीयत नासाज़ रहने लगी थी. इस बीच उसकी पत्नी भी उसे छोड़ मायके चली गई थी. बच्चों वाले घर में अगर मां न रहे, तो बाप की ज़िम्मेदारियां बढ़ ही जाती हैं इसलिए सुरेश के दिमाग में भी घर की टेंशन रहने लगी.

इन मुश्किल हालात में उसे लगने लगा कि उसका बाप जो जादू-टोना करता था, उसी की वजह से ये सब अपशकुन हो रहा था. दरअस्ल, रामेश्वर का घर पर पूजा-पाठ और टोटके करना सुरेश को बिल्कुल पसंद नहीं था. सुरेश ने कई बार टोका भी लेकिन रामेश्वर नहीं माना. एक तरफ बाप और दूसरी तरफ बीमारी से जकड़ी अपनी मां और बहन को देखता सुरेश तनाव में रहने लगा.

पत्नी के छोड़कर जाने के बाद अपने मन की बात भी वह किसी से कह नहीं पा रहा था. आखिर सुरेश ने फैसला किया कि वह अपने बाप से आखरी बार साफ-साफ बात करेगा और बात हुई. मध्य प्रदेश की सीमा से लगते अपने गांव के पास खेत में दोनों के बीच बातचीत हुई. सुरेश ने समझाया तो रामेश्वर ने उसे ही खरी-खोटी सुनाकर उसकी बात मानने से इनकार कर दिया.

इसी दौरान सुरेश अपना आपा खो बैठा और उसने अपने तौलिए से रामेश्वर का गला घोंट दिया. रामेश्वर छूटने के लिए छटपटाया लेकिन सुरेश की ताकत के आगे वह बेबस हो गया और कुछ ही देर में रामेश्वर की लाश खेत में पड़ी थी. हत्या के बाद सुरेश को एक अजीब सा डर भी लगा कि वह गुस्से में यह क्या कर बैठा था? अब उसने लाश को ठिकाने लगाने के बारे में सोचा.

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उसने लाश कपड़े में बांधी और मोटरसाइकिल से जंगल में ले गया. वहां पत्थरों के नीचे सुरेश ने अपने बाप की लाश ऐसे दबा दी कि कोई जंगली जानवर लाश बाहर न निकाल सके. अपनी इस करतूत के बारे में सुरेश ने किसी को कानों-कान भनक तक नहीं लगने दी. एक-दो दिन तक रामेश्वर घर नहीं लौटा, तो सुरेश परिजनों और पड़ोसियों के सामने दिखावे के लिए बाप को खुद तलाशने लगा. लेकिन, रामेश्वर कहां गया? किसी को कोई खबर नहीं लगी.सुरेश अपने बाप की हत्या करने के बाद लाश को ठिकाने लगाने में कामयाब तो रहा लेकिन उसकी दिक्कतें अब भी कम नहीं हो रही थीं. धीरे-धीरे रामेश्वर के कल्ल को एक साल हो चला. लेकिन, सुरेश की मां की तबीयत अब भी नासाज़ थी. दूसरी तरफ, बच्चों की सगाई की एक और चिंता सता रही थी. उसने समाज के लोगों से सगाई की बातचीत की लेकिन काम नहीं बना. गुनेर, भरकिया और महुपुरिया में सुरेश ने समाज में बातचीत की लेकिन ज़्यादातर जगह सगाई की बात पिता को साथ लेकर आने पर अटक गई.

समाज के लोगों के बीच जब बात पहुंची, तो जातीय पंचायत ने सुरेश पर दबाव बनाना शुरू किया. लोगों ने पूछताछ की तो वह उन्हें अलग-अलग तरह से टालने लगा. समाज के लोगों के बीच अपने बयानों से सुरेश खुद शक के दायरे में आ गया. आखिर जातीय पंचायत का दबाव काम आया और समाज के लोगों के बीच उसने अपना जुर्म कबूल लिया.


आखिरकार सुरेश ने पूरी बात बताते हुए सच बोला कि उसने क्यों, कैसे और कहां अपने बाप रामेश्वर को मौत के घाट उतारा था. समाज के सामने रामेश्वर की हत्या की बात आई तो पुलिस को सूचना दी गई. चित्तौड़गढ़ पुलिस गांव पहुंची और तस्दीक के लिए पूछताछ की. मामला 15 महीने पुराना था, इसलिए पुलिस की मोबाइल फोरेंसिक यूनिट भी मौके पर पहुंची. पुलिस सुरेश को लेकर जंगल के उस इलाके में पहुंची, जहां रामेश्वर की लाश को छिपाना बताया जा रहा था. लाश और सच देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था.

पुलिस ने सुरेश की निशानदेही पर वीरान जंगल में पत्थरों के नीचे दबी लाश की तालश शुरू की. काफी मशक्कत के बाद वह जगह मिली. लेकिन वहां लाश नहीं बल्कि अवशेष ही मिले. नर कंकाल से वह तुलसी की माला मिली, जो रामेश्वर गले में पहना करता था. इसके साथ ही लंबे बालों से भी लोगों ने कंकाल रामेश्वर का ही होना माना. नर कंकाल की पहचान के बाद पुलिस ने वह तौलिया भी बरामद किया जिससे सुरेश ने अपने बाप के साथ एक रिश्ते का भी गला घोंट दिया था.

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First published: January 22, 2019, 6:05 PM IST
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