राजस्थान का एक और बेटा असलम खान कश्मीर में हुआ शहीद, कल आएगी पार्थिव देह

चूरू (Churu) के असलम खान (Aslam Khan) के कश्मीर में शहीद (martyr) होने की खबर पहुंचते ही उनके पैतृक गांव राणासर में शोक की लहर दौड़ गई. 40 वर्षीय असलम खान सेना (Indian Army) की 24 राष्ट्रीय रायफल में पिछले 2 साल से जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में तैनात थे. श्रीनगर क्षेत्र (Srinagar) में उनकी पोस्टिंग थी.

Manoj K. Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 7, 2019, 7:11 PM IST
राजस्थान का एक और बेटा असलम खान कश्मीर में हुआ शहीद, कल आएगी पार्थिव देह
राजस्थान का एक और लाडला सपूत असलम खान देश की सेवा करते हुए कश्मीर में शहीद हो गया है. असलम खान के शहीद होने की खबर पहुंचते ही उनके पैतृक गांव चूरू जिले के राणासर में शोक की लहर दौड़ गई. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Manoj K. Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 7, 2019, 7:11 PM IST
चूरू. राजस्थान (Rajasthan) का एक और लाडला सपूत असलम खान (Aslam Khan) देश की सेवा करते हुए कश्मीर (Kashmir) में शहीद (martyr) हो गया है. असलम खान के शहीद होने की खबर पहुंचते ही उनके पैतृक गांव चूरू जिले (Churu District) के राणासर में शोक की लहर दौड़ गई. 40 वर्षीय असलम खान सेना (Indian Army) की 24 राष्ट्रीय रायफल में पिछले 2 साल से जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में तैनात थे. श्रीनगर क्षेत्र (Srinagar) में उनकी पोस्टिंग थी. शहीद की पार्थिव देह को रविवार को चूरू लाया जाएगा. यहां राणासर में शहीद को सैन्य सम्मान से अंतिम विदाई दी जाएगी. शहीद का भतीजा भी हाल में सेना भर्ती हुआ है.

दादरवाल में रात्रि सर्च ऑपरेशन करने के दौरान हुए शहीद
शुक्रवार को देर रात अमरनाथ से 40 किमी दूर दादरवाल में रात्रि सर्च ऑपरेशन करने के दौरान वे शहीद हो गए. असलम खान परिवार में अपने 9 भाई-बहिनों में सबसे छोटे थे. वे 1999 में अहमदनगर आर्मड सेंटर में भर्ती हुए थे. उनके पिता हासम खान का देहांत जब वे छोटे थे तभी हो गया था. मां कलसुम बानो ने उनकी परवरिश की. शहीद की पत्नी संजू गृहणी हैं. इनका भतीजा इमरान हाल ही में सेना में भर्ती हुआ है. शहीद 3 बेटियां और एक बेटा है. असलम खान के शहीद होने की सूचना उनके परिवार के प्रमुख लोगों को दे दी गई है.

हाल में अजमेर के हेमराज जाट हुए थे शहीद

उल्लेखनीय है कि सितंबर माह की शुरुआत में अजमेर जिला का लाडला हेमराज जाट भी कश्मीर में शहीद हो गए था. हेमराज अजमेर जिले के भदूण गांव के रहने वाले थे. वे कश्मीर के पूंछ में तैनात थे. शहीद हेमराज सेना की 4 ग्रेनेडियर बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे. वे करीब ढाई साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे. हेमराम ने महज 23 साल की उम्र में देश के लिए शहीद हो गए.

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First published: September 7, 2019, 6:47 PM IST
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