चूरू : सरकारी अस्पताल में बताया कोरोना का डर, ले गया प्राइवेट अस्पताल में, घूस लेता डॉक्टर गिरफ्तार

शिकायत मिलने पर एसीबी की टीम ने डॉक्टर और उसके सहयोगी को पैसा लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
शिकायत मिलने पर एसीबी की टीम ने डॉक्टर और उसके सहयोगी को पैसा लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

सरकारी अस्पताल में आए मरीज को कोरोना का भय दिखाकर बुलाया निजी अस्पताल में. ऑपरेशन के लिए मोलतोल करता रहा. अंत में ऑपरेशन करने के लिए दस हजार रुपये पर राजी हुआ. एसीबी के हत्थे चढ़ा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 9:48 PM IST
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चूरू. सरकारी अस्पताल (government hospital) में कोरोना संक्रमित (Corona infected) होने का डर दिखाकर निजी अस्पताल (private hospital) में इलाज का दवाब बनाने वाले सर्जन को आज चूरू एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है. यह डॉक्टर गुरुवार को बुजुर्ग महिला के स्तनों की गांठ का ऑपरेशन निजी अस्पताल में करने के एवज में दस हजार रुपए रिश्वत ले रहा था. सर्जन की पहचान मेडिकल कॉलेज चूरू में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. संदीप अग्रवाल व निजी अस्पताल में कार्यरत नर्सिंगकर्मी राजेन्द्र कुमार के रूप में हुई. इन दोनों को नई सड़क स्थित बालाजी अस्पताल से एसीबी चुरू की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.

पीड़ित ने की एसीबी के दफ्तर में शिकायत

एएसपी आनंद प्रकाश स्वामी के मुताबिक, गाजसर के रहने वाले विकास कुमार जाट ने शिकायत की कि उनकी मां शारदा देवी के शरीर के एक हिस्से में गांठ बन गई थी. इसकी परामर्श के लिए वे मेडिकल कॉलेज चूरू के डॉ. संदीप कुमार अग्रवाल के पास राजकीय भरतिया अस्पताल गए थे. चिकित्सक ने उनसे कहा कि अभी अस्पताल में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है, साथ ही ऑपरेशन की पर्याप्त सुविधा भी नहीं है. यह सब बता कर डॉक्टर ने नई सड़क स्थित बालाजी अस्पताल में आने का दबाव बनाया. उन्होंने ऑपरेशन करने के एवज में 25 हजार रुपए की मांग की. बीमार के परिजनों ने जब कहा कि रकम ज्यादा है तो दस हजार रुपये में मामला तय हुआ. तब इस बात की शिकायत पीडि़त ने चूरू एसीबी कार्यालय में की.



जाल बिछाकर एसीबी ने किया गिरफ्तार
एसीबी की टीम ने सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई. तब उसने जाल बिछाया और गुरुवार दोपहर को चिकित्सक के बताई जगह बालाजी अस्पताल में पीड़ित को दस हजार रुपए देकर भेजा. चिकित्सक ने यह राशि नर्सिंगकर्मी राजेन्द्र को देने के लिए कहा. रिश्वत राशि मिलने के बाद चिकित्सक ऑपरेशन के लिए तैयार हुआ. इधर इशारा मिलने पर एसीबी की टीम ने चिकित्सक व नर्सिंगकर्मी को रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. राजकीय भरतिया अस्पताल में कार्यरत सर्जन डॉ. संदीप अग्रवाल पर साल 2019 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो चुका है. शहर की गांधी कॉलोनी के रामकिशोर ख्यालिया ने आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था.

दबाव बनाए तो करें एसीबी में शिकायत

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आन्नद स्वामी ने बताया कि कोई भी पीड़ित भ्रष्ट्राचार मामले की शिकायत उनके कार्यालय में आकर कर सकता है. यदि कोई चिकित्सक निजी अस्पताल में आने का दबाव बनाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.
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