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चूरू: नंदीशाला में 5 हजार सांड रखने की थी योजना, सिर्फ 12 पशुओं को मिला आश्रय

Manoj K. Sharma | News18 Rajasthan
Updated: December 12, 2019, 7:26 PM IST
चूरू: नंदीशाला में 5 हजार सांड रखने की थी योजना, सिर्फ 12 पशुओं को मिला आश्रय
सरदारशहर में आवारा पशुओं के चलते अबतक पांच लोगों की जान जा चुकी है.

चूरू जिले (Churu District) के सरदारशहर (Sardarshahar) में आमजन को आवारा पशुओं (Stray Animal) से निजात दिलाने के लिए नंदीशाला का उद्घाटन तो दो महीना पहले हो गया था. यहां 5000 पशुओं को रखने थी योजना, लेकिन अभीतक सिर्फ एक दर्जन पशु रखे गए हैं.

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चूरू. चूरू जिले (Churu District) के सरदारशहर (Sardarshahar) में आमजन को आवारा पशुओं (Stray Animals) से निजात दिलाने के लिए नंदीशाला का उद्घाटन तो दो महीना पहले हो गया था. इसके बावजूद प्रशासन और गौशाला के पदाधिकारी उदघाटन के बाद आवारा पशुओं नंदीशाला में भेजना भूल गए. इसके चलते शहर में आवारा पशुओं की स्थिति जस की तस बनी हुई है. शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या लोगों के लिए सिरदर्द और जान का खतरा बन रही है. शहर की मेन रोड ही नहीं बल्कि हर गली मोहल्ले में आवारा पशुओं का आतंक रहता है. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. शहर में आवारा पशुओं का आतंक इतना है कि पांच लोगों की जान जा चुकी है और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके है.

पांच लोगों की अब तक चली गई है जान

शहर में कई गोशाला होने के बावजूद भी प्रशासन आवारा गोवंश को गोशाला में नहीं भेजा रहा है. आए दिन हो रहे हादसों के कारण शहर के लोग भयभीत हो रहे हैं. लोग अपने घरों से निकलते समय भी डरते हैं. शहर की सब्जी मंडी में सांडों का आतंक इस कदर है कि लोग सब्जी खरीदने के लिए आने से कतरा रहे हैं. इसी प्रकार गली मोहल्लों में भी आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है. आवारा पशुओं को पकड़ कर गोशाला में छोड़ने की ड्यूटी नगरपालिका की है लेकिन लापरवाही से शहर में आवारा जानवर दिन पर दिन बढ़ रहे हैं और आमजन को नुकसान पहुंचा रहे हैं. आवारा पशु के हमले से कई राहगीर, बाइक सवार इसकी चपेट में आने से हाथ पेर तुड़वा चुके हैं.

जिला कलेक्टर ने ​भी दिए थे आदेश

पीड़ित लोगों ने बताया कि आवारा पशुओं को शहर से हटाने की व्यवस्था प्रशासन को करनी चाहिए, ताकि हादसों से बचा जा सके. शहर में दो महीनों पहले नंदीशाला का उद्घाटन गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने किया था. 5 हजार आवारा नंदियों को इसमें लेने का मंच से आह्वान भी किया गया था. लेकिन दो महीनों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है. जिला कलेक्टर ने भी आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने के आदेश दिए थे.



12 आवारा पशुओं को भेजकर नगरपालिका ने कर ली इतिश्रीनगरपालिका ने आदेश की पालना में 12 आवारा पशुओं को गोशाला में भेजकर इतिश्री कर ली है. उसके बाद एक भी पशु को नगरपालिका ने नहीं भिजवाया. शहर की जनता में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी देखा जा रहा है. एसडीएम रीना छींपा ने बताया कि नगरपालिका एवं गोशाला के पदाधिकारियों की कलेक्टर के साथ बैठक हुई थी. शहर में आवारा पशुओं की समस्या गंभीर है. उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पर दुबारा बैठक लेकर आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने के आदेश जारी किए जाएंगे, ताकि शहर की जनता को आवारा पशुओं से निजात मिल सके.

नंदीशाला के अध्यक्ष हंसराज सिद्ध ने कहा कि नगरपालिका के विकास अधिकारी से हमारी बात हुई है. जल्द ​ही नंदीशाला में आवारा नंदियों को भेजने की व्यवस्था की जाएगी. अब देखना ये होगा कि शहर की जनता को आवारा पशुओं से किस तरह निजात दिलाने की पहल प्रशासन एवं गोशाला के पदाधिकारी करते हैं.

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First published: December 12, 2019, 7:22 PM IST
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