Rajasthan: कोरोना वैक्सीन की बर्बादी में चूरू सबसे आगे, अब तक 7 फीसदी डोज खराब

चुरू में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी. (कॉन्सेप्ट इमेज).

चुरू में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी. (कॉन्सेप्ट इमेज).

Churu News: कोरोना (COVID-19) की दूसरी लहर के बाद काफी संख्या में लोग वैक्सीनेशन करवा रहे हैं. इस सबके बीच राजस्थान के चुरू जिले में सबसे ज्यादा कोरोना टीके  की बर्बादी की बात सामने आई है.

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चूरू. मरुधरा में कोरोना (COVID-19) की दूसरी लहर के बाद लोगों में वैक्सीनेशन (Corona Vaccine) को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. वैक्सीन की किल्लत के बावजूद बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचकर वैक्सीन लगवा रहे हैं. हालांकि वैक्सीन की बर्बादी भी हो रही है.  प्रदेश भर में 17 मई तक करीब 11 लाख डोज वेस्टेज हो चुके हैं. वैक्सीन वेस्टेज में प्रदेश भर में चूरू सबसे आगे है. 16 जनवरी से लेकर 17 मई तक प्रदेश भर में वैक्सीन की 7 फीसदी डोज खराब हो चुकी है. प्रदेश भर में सबसे ज्यादा चूरु जिले में वैक्सीन की वेस्टेज सामने आई है.

चूरू जिले को अलॉट वैक्सीन में से 39.7 फीसदी वैक्सीन वेस्ट हो चुकी है. इसी तरह हनुमानगढ़ में 24.60 फीसदी, भरतपुर में 17.13 फीसदी,कोटा में 16.17 फीसदी,चित्तौड़गढ़ में 11.81 फीसदी,जालोर में 9.63, सीकर में 8.83 फीसदी,अलवर में 8.32 फीसदी ,धौलपुर में 7.89 फीसदी ,अजमेर में 6.75 फीसदी ,दौसा में 6.65 फीसदी ,सवाईमाधोपुर में 6.43 फीसदी ,झालावाड़ में 6.31 फीसदी वेस्टेज हो चुकी है. हालांकि जयपुर प्रथम में 4.67 और द्वितीय में 1.31 फीसदी ही वैक्सीन वेस्टेज हुई है.

केंद्र ने 10 फीसदी तक वेस्टेज की तय की है सीमा

प्रदेश के कई जिलों में वैक्सीनेशन को लेकर अच्छा भी काम हुआ है. कई जिलों में वैक्सीन की वेस्टेज काफी कम है. इनमें सिरोही, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा,राजसमंद, जोधपुर, पाली,बारां, डूंगरपुर जिले शामिल हैं. हालांकि केंद्र सरकार ने वैक्सीन की दस फीसदी वेस्टेज की सीमा तय की है. लेकिन वैक्सीन के डोजेज का सही और समुचित इस्तेमाल किया जाता तो अब तक करीब 11 लाख लोगों को और वैक्सीन लग सकती थी.

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