खाप के फैसले के चलते दो साल से नहीं मिली पानी की एक बूंद, कलेक्टर से लगाई गुहार

चूरू जिले के सुजानगढ़ के पास गिरवरसर गांव के एक दलित परिवार ने जिला कलेक्टर से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है. उसका कहना है कि खाप के फैसले के चलते दो साल से गांव से पानी की एक बूंद तक नहीं मिली है.

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चूरू जिले के सुजानगढ़ के पास गिरवरसर गांव के एक दलित परिवार ने जिला कलेक्टर के नाम उपखंड कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में पीड़ित परिवार ने कहा है कि गांव में लोग आटा चक्की पर उसका आटा नहीं पीसते और परिवार के सदस्यों को किसी भी घर में प्रवेश करने नहीं दिया जाता. इतना ही नहीं सामाजिक बहिष्कार के कारण उन्हें पानी भी निकटवर्ती गांवों से खरीदकर मंगवाना पड़ता है. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि हमारे घर के सदस्यों से गांव में कोई बोलचाल नहीं करता है. साथ ही अगर को व्यवहार करता है तो उसके लिए 11 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है.

पीड़ित टोडरमल वाल्मिकी और राधेश्याम वाल्मिकी ने बताई आपबीती


ज्ञापन में पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने सामाजिक प्रतिष्ठा से परिपूर्ण जीवन वापस दिलाए जाने की मांग की गई है. इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग की गई है. ज्ञापन में पीड़ित टोडरमल वाल्मिकी व उसके पुत्र राधेश्याम वाल्मिकी ने बताया है कि वर्ष 2017 में 9 अप्रैल को खाप पंचायत बुलाकर माइक से गांव में ऐलान करा दिया गया था कि टोडरमल के परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया गया है, इसलिए इनसे कोई व्यवहार न रखे. उसके बाद से ही उसे इस तरह का जीवन जीना पड़ रहा है. गांव के लोग उसके साथ कोई व्यवहार नहीं रखते.



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