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आंखें गंवाई हौसला नहीं: दृष्टिहीन महावीर की कहानी जान आप भी करेंगे उन्हें सलाम

दिव्यांगता को अपनी कमजोरी मानने वालों के लिए राजस्थान के चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के रहने वाले दृष्टिहीन महावीर सोनी की ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- नरेश पारीक

चुरू. कहते हैं कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो तमाम बाधाएं नतमस्क हो जाती है. बाधाएं कुछ कठिनाइयां तो बन सकती हैं पर मंजिल तक पहुंचने न दें ऐसा नहीं हो सकता. ऐसी ही कहानी है चूरू जिले के रतनगढ़ के रहने वाले नेत्रहीन महावीर सोनी की. जिन्होंने अपने जीवन में अपने ज्ञान व जज्बे को अपनी दृष्टि बनाई और आज उसी के बल पर अपना और अपने दिवंगत भाई के बच्चों का भरण पोषण कर रहे हैं. जी हां, 18 साल की उम्र में अपनी दोनो आंखों की रोशनी गंवाने वाले महावीर सोनी की जिंदगी में भले ही अंधेरा हो लेकिन आज वो मेहनत, मजदूरी कर करीब तीन बच्चों के जीवन मे रंग भर रहे हैं.

चूरु जिले की रतनगढ़ तहसील के निवासी महावीर सोनी ने बताया कि जब वह 18 साल के थे, तब कालिया मोतियाबिंद हो गया था और उनकी दोनो आंखों की रोशनी चली गई. जिसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और जयपुर की ब्लाइंड स्कूल में ब्रेन लिपि सीखी और हॉयर सेकेंड्री पास किया. कुर्सियों की केनिग रिपेयरिंग का काम सीखा और आज महावीर सोनी अपनी इसी कला के दम पर अपना और अपने दिवंगत भाई के बच्चों का पेट पाल रहे हैं.

13 साल पहले हुआ भाई का निधन
दृष्टिहीन महावीर सोनी ने बताया, ”वह पांच भाई थे जिनमें एक भाई मंदबुद्धि है और एक बड़े भाई का 13 बरस पहले कैंसर से निधन हो गया था. ऐसे में भाई के परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया. ऐसे में महावीर सोनी ने खुद की शादी नही करने का फैसला लिया और अपने दिवंगत भाई के परिवार की जिम्मेदारी उठाई. महावीर सोनी ने बताया कि जिस वक्त भाई का निधन हुआ उस वक्त उनके दो बेटियां और एक बेटा था जो काफी छोटे थे और दिवंगत भाई की एक बेटी वो भी ब्लाइंड है.

काम कम मिलता है, कैसे हो गुजारा
दृष्टिहीन महावीर सोनी ने बताया कि केनिग की कुर्सियों का काम अब कम रहा है. पूरे महीने उन्हें रोजगार नही मिलता और कभी कभार दफ्तरों में जो केनिग कि कुर्सियां बची है उन्हें रिपेयर कर अपना और अपने भाई के बच्चों का पेट पाल रहे है.

सरकार से मांग
महावीर सोनी ने कहा उनकी सरकार से मांग है कि उन्हें स्थाई रोजगार दिया जाए. जिससे उनका और उनके परिवार का अच्छे से पालन पोषण हो सके.

Tags: Churu news, News 18 rajasthan

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