चूरूः सरदारशहर में फैल रहा है झोलाछाप डॉक्टरों का जाल

ETV Rajasthan
Updated: November 13, 2017, 4:36 PM IST
चूरूः सरदारशहर में फैल रहा है झोलाछाप डॉक्टरों का जाल
फोटो-(ईटीवी)
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Updated: November 13, 2017, 4:36 PM IST
चूरू जिले के सरदारशहर के वार्ड 40 की एक महिला को झोलाछाप कम्पाउंडर ने इंजेक्शन लगा दिया, जिसके कारण उसका चलना फिरना भी बंद हो गया.

पीड़ित महिला सुशीला ने अपनी पीड़ा की जानकारी देते हुए बताया कि ढाई साल पहले जब वह गर्भवति थी तो उसने चूरू की महिला चिकित्सक को चैकअप करवाया था और गर्भ में दो बच्चे होना बताया.

चिकित्सक ने गर्भ के दौरान लगने वाले इंजेक्शन लिख कर दिए और कहा कि समय पर इंजेक्शन लगवाने है. जिस पर यहां वार्ड के एक कम्पाउडर ने मां वैष्णोदेवी मेडिकल एण्ड जनरल स्टोर खोल रखा है, जिसमें इंजेक्शन लगाने का कार्य करता है. कम्पाउंडर को चूरू के डॉक्टर की पर्ची दी और इंजेक्शन लगवाया था. इंजेक्शन के लगाते ही मेरा पूरा पैर दर्द करने लगा तब कम्पाउंडर ने कहा कि कुछ समय दर्द करेगा तो मैं किसी तरह घर पर आ गई.

इंजेक्शन लगने के बाद दर्द बढ़ता गया और एक गांठ बन गई जिस पर उक्त कम्पाउंडर को फोन किया तो उसने बर्फ का सेक करने को कहा और दो दिन तक उसको बुलाते रहे पर नहीं आया, फिर तीसरे दिन आया तो गांठ के चीरा लगाकर उसमें से मवाद निकालकर उस पर मलम लगाकर अपनी फीस लेकर चला गया.

उसके बाद मेरे पीड़ा बढ़ती गई और गांठ में दोबारा मवाद भर गया. इस पीड़ा के कारण मेरे पति मुझे सरकारी डॉक्टर के पास लेकर गए उन्होंने उपचार किया और दो बार ऑपरेशन किए, लेकिन घाव ऊपर से भर गया, लेकिन अभी तक पूर्ण ठीक नहीं हो पाया है, जिसके लिए फिर से ऑपरेशन करवाना पड़ेगा.

मेरे पास अब ऑपरेशन करवाने के लिए कोई साधन नहीं हैं. ढाई वर्षों से मेरा चलना फिरना बंद हो रहा है और ना ही कुछ देर से ज्यादा खड़ी रही सकती हुं. मेरे पति ही मेरी और बच्चों की देखभाल कर रहे हैं. पीड़ित ​महिला की हालत नाजुक हो रही है और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां की हालत देखकर मां के प्यार से वंचित हो रहे हैं.

पीड़ित महिला ने बताया कि वह वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र में आशा सहयोगिनी के रूप में काम कर रही है, लेकिन जब से कम्पाउंडर ने इंजेक्शन लगाया था उसके बाद से उसकी जिन्दगी बर्बाद ही हो गई. आंगनबाड़ी में काम करके अपने बच्चों को पाल रही थी अब ऑपरेशन के लिए इतने रुपए कहां से लाएं.

पीहर व ससुराल में दोनों तरफ से गरीब परिवार होने से कोई साधन भी नहीं कि इसका इलाज करवा सकें. पीड़ित महिला ने रो-रोकर अपनी पीड़ा को कैंमरे के सामने बताया. जब कम्पाउंडर से इस बारे में बात की तो कम्पाउंडर कुछ रुपए लेकर मामला रफा-दफा करने की बात कर रहा था.

इंजेक्शन लगाने को लेकर पूछा तो इंजेक्शन लगाने की बात को स्वीकार किया और पीड़ित महिला से बात करके मामले को रफा-दफा करने की बात कर रहा था. ऐसे अनेक झोला छाप डॉक्टर और कम्पाउंडर कस्बे की कच्ची बस्तियों और ग्रामीण अंचल में लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कोई कार्रवाई नहीं होने पर आमजन में रोष है.

इस बारे में हमने एसडीएम मुलचंद लुणिया से बात की तो उन्होंने कहा कि झोला छाप डॉक्टर व कम्पाउंडर के खिलाफ शहर में जल्द ही एक अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी और जिस पीड़ित महिला के साथ जो कम्पाउंडर ने किया है उसके खिलाफ जांच करवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
First published: November 13, 2017
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