'चूरू में खेलों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर खेला जा रहा वसूली का खेल'

चूरू जिले में खेलों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रुपए वसूली का खेल खेला जा रहा है. जिला खेल अधिकारी ईश्वर सिंह लाम्बा को बैंकाक में 12 से 15 जनवरी को इंडो-थाई टेनिस बॉल क्रिकेट मैच के नाम पर वसूली का आरोप लगाया है.

Manoj K. Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 18, 2019, 7:01 PM IST
'चूरू में खेलों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर खेला जा रहा वसूली का खेल'
चूरू में इस तरह से निकला था गोल्ड मेडल जीत का जुलूस
Manoj K. Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 18, 2019, 7:01 PM IST
हजारों रुपए जमा कराओ, ट्रायल दो और फिर सीधे इंटरनेशनल क्रिकेट खेलो. यह दावा है चूरू जिले की सादुलपुर तहसील में स्थित सावित्री स्पोर्ट्स एकेडमी का. थाईलैंड के बैंकाक में 12 से 15 जनवरी को इंडो-थाई टेनिस बॉल क्रिकेट मैच अब सवालों के घेरे में है. चूरू के जिला खेल अधिकारी ईश्वर सिंह लाम्बा ने इस आयोजन का अनवैलिड करार देते हुए इसे किसी गिरोह का रुपए ठगने का धंधा बताया है. टेनिस बॉल क्रिकेट संघ के नाम पर सावित्री स्पोर्ट्स एकेडमी के कोच के इस धंधे में अन्तराष्ट्रीय स्तर के गोल्ड मेडल का दावा कर खिलाडियों से रुपए लेकर पदक दिए जा रहे हैं. सादुलपुर की खिलाड़ी सरोज के पिता ने तो भैंस बेचकर 70 हजार रुपए अपनी बच्ची के क्रिकेट में लगा दिए. 

दरअसल गुरुवार को सादुलपुर के मुख्य मार्गोंं पर डीजे की धुन पर थिरकते हुए जुलुस निकाला गया, पता किया तो बताया गया कि सादुलपुर की तीन बेटियों ने थाईलैंड में इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल जीते हैं.  जिनका यह विजय जुलूस है. तीनों बालिकाएं सावित्री स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाडी हैं, जिनका कोच रोशन पूनियां हैं. इनका कहना है कि थाईलैंड के बैंकाक में 12 से 15 जनवरी को थाईलैंड टेनिस बॉल क्रिकेट फेडरेशन की ओर से सीनियर महिला वर्ग क्रिकेट सीरीज का आयोजन किया गया.

हद तो तब हो गई जब पूरे राजस्थान से केवल चूरू जिले की सादुलपुर तहसील से प्रियंका पूनिया, रामरती और सरोज का ही इसमें चयन हुआ. इन खिलाड़ियों को झांसा दिया गया कि इस प्रतियोगिता के प्रमाण पत्र से नौकरी में 5 प्रतिशत अंक मिलेंगे. सरोज के पिता ने अपनी भैंस बेचकर 70 हजार रुपए दे दिए. प्रियंका ने 35 हजार रुपये देने की बात कही. सादुलपुर की इन तीन बालिकाओं के अलावा भारत से गई 14 सदस्यीय टीम में उत्तर प्रदेश और बिहार की खिलाड़ी भी बताई जा रही हैं. बताया गया कि बैंकाक में थाईलैंड और भारत की टीम के बीच तीन मैच हुए.

दावा है कि इस सीरीज में भारत ने थाईलैंड को हराया और सभी बालिकाओं ने गोल्ड मेडल जीता. पूरे मामले पर जब जिला खेल अधिकारी से न्यूज18 राजस्थान ने बात की तो उन्होने चौंका देने वाला सच बताया. उन्होंने इस पूरे खेल को अनवैलिड करार दिया, जिसके प्रमाण पत्र तक की कहीं भ्री मान्यता नहीं है. जिला खेल अधिकारी ईश्वर सिंह लाम्बा का कहना है कि यह एक गिरोह पनपा हुआ है जो खिलाड़ियों को झांसा देकर रुपए ऐंठने में लगा हुआ है. इधर सावित्री स्पोर्टस एकेडमी के कोच रोशन पूनियां ने दावा किया है कि संघ के खर्चे पर बालिकाओं को थाईलैंड ले जाया गया और टेनिस बॉल क्रिेकेट संघ रजिस्टर्ड संस्था है.

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