होम /न्यूज /राजस्थान /ग्रामीण का परमिट लेकर हाईवे पर चलाई जा रही निजी बसें, आधा दर्जन रोडवेज बंद

ग्रामीण का परमिट लेकर हाईवे पर चलाई जा रही निजी बसें, आधा दर्जन रोडवेज बंद

राजस्थान रोडवेज की बसें बंद हो गई हैं.

राजस्थान रोडवेज की बसें बंद हो गई हैं.

राजस्थान के चूरू में ग्रामीण क्षेत्रों का परमिट ले हाईवे पर सरपट दौड़ती निजी बसें रोडवेज के लिए सिरदर्द बन गई हैं. रोडव ...अधिक पढ़ें

    नरेश पारीक/चूरू. पहले से घाटे में चल रही राजस्थान रोडवेज के सामने अब निजी बस संचालक भी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस संबंध में रोडवेज प्रशासन की ओर से उच्चाधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है. रोडवेज के अधिकारी भी स्वयं को बेबस महसूस कर रहे हैं. चूरू आगार के अधिकारियों की मानें तो कुछ निजी बसों के पास ग्रामीण क्षेत्र का परमिट होने के बावजूद वह हाईवे पर सरपट तरीके से दौड़ रही हैं. ऐसे में रोडवेज को हर माह लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

    अधिकारियों की माने तो इस तरह से संचालन होता रहा तो डीजल का खर्चा नहीं निकलने के कारण और भी बसें बंद करने की नौबत आ सकती है. जानकारी के मुताबिक कुछ निजी बस संचालकों की और से ग्रामीण क्षेत्र का परमिट लिया गया है, लेकिन बसें ग्रामीण क्षेत्रों से नहीं गुजरकर हाईवे पर रोडवेज के समय पर चल रही है. अधिकारियों की माने तो रोडवेज से पहले पहुंचकर निधार्रित बस स्टॉप से सवारियों को कम किराए का झांसा देकर अनाधिकृत तौर पर सफर करवा रहे हैं, जो कि नियमानुसार गलत है. रोडवेज आगार चूरू के ट्रैफिक मैनेजर मनीष ने बताया कि इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी को कई बार पत्र लिखकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसके अलावा जिला प्रशासन सहित मुख्यमंत्री सम्पर्क पोर्टल पर भी मामले को लेकर अवगत कराया जा चुका है. इसकों लेकर कर्मचारियों की ओर से धरना-प्रदर्शन भी किए गए हैं. लेकिन अभी तक समस्या से निजात नहीं मिल पाई है.

    डीजल का खर्चा निकालना हुआ मुश्किल
    कार्यवाहक आगार प्रबंधक सीपी शर्मा ने बताया कि रोडवेज का सफर सुरक्षित कहा जाता है. आमजन को सुविधा देने के लिए बसें लगाई गई थी. उन्होंने बताया कि निजी बसों के अवैध संचालन के चलते कई रूटों की बसों से डीजल का खर्चा भी नहीं निकल पाया. उन्होंने बताया कि अवैध बसों के संचालक के चलते आगार को प्रतिदिन करीब एक लाख रुपए का नुकसान हो रहा है. प्रबंधक शर्मा ने बताया कि निजी बसों के अवैध संचालन के कारण सादुलपुर से चूरू चलने वाली छह में से दो बसों को नुकसान के चलते बंद करना पड़ा. साथ ही झुंझुनूं से चूरू चलने वाली दस में से दो, रतनगढ़ से चूरू चलने वाली आठ में से दो रोडवेज की बसों का संचालन बंद कर दिया है.

    यात्रियों को भ्रमित करने के लिए रंग बदला
    निजी बस संचालकों की और से यात्रियों को भ्रमित करने के लिए कई प्रकार के जतन किए जा रहे हैं. रूटों पर ऐसी कई निजी बसें संचालित है, जिनका रंग बिल्कुल रोडवेज बसों से मिलता जुलता हुआ है. ऐसे में दूर से देखने पर यात्री भी भ्रमित हो जाता है.निजी बस संचालकों की और से ग्रामीणों को रोडवेज की बसे होने का ही झांसा दिया जाता है. इधर, रोडवेज के अधिकारी व कर्मचारियों की माने तो राजस्व नहीं मिल पाने के कारण वेतन के भी लाले पड़ जाते हैं. पूर्व में दो से तीन माह का वेतन देरी से मिला है. जिला परिवहन अधिकारी ओम सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा ऐसा मामला मेरे सज्ञान में नही आया. अगर ऐसा कुछ है तो जांच करवाकर चालान काटकर सीज की कार्रवाई की जाएगी.

    Tags: Churu news, Rajasthan news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें