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देश-विदेश में छाई चंदन से बनी चूरू की कलाकृतियां, पढ़िए मालचंद जांगिड़ के 4 पीढ़ियों की कहानी

Churu News: चंदन के कलाकार ओमप्रकाश जांगिड़ बताते हैं कि वह अब तक देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, जयपुर, उदयपुर, लखनऊ, अ ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- नरेश पारीक

चूरू. कहने को तो राजस्थान की धरती रेगिस्तानी है. लेकिन इस मरुधरा में कला की महक सात समंदर पार जाती है. चूरू जिले के काष्ठ कलाकारों के हुनर की मुरीद पुरी दुनिया है. इस फेहरिस्त में स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल से लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन का नाम नाम तक शामिल है. काष्ठ कलाकार मालचंद जांगिड़ चंदन पर बारीक कलाकारी के लिए जाने जाते थे. उन्हीं कलाकार की चौथी पीढ़ी अब चंदन पर कलाकृतियां उकेर रही है. चंदन के ये कलाकार विश्व विख्यात हैं. जो 11 बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं.

विरासत में मिली
चंदन के ये चितेरे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं. शहर के मशहूर चंदन कलाकार मालचंद जांगिड़ की चौथी पीढ़ी को यह कला विरासत में मिली. इस कला के दम पर इस परिवार ने अपना नाम लिंमका बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवा लिया है. काष्ठ कला के दम पर ही इस परिवार ने अब तक 11 राष्ट्रीय पुरुष्कार हासिल किए हैं. चूरू में वर्तमान में तीन परिवार चंदन की लकड़ी पर अपनी कला उकेर रहे हैं.

देश ही नहीं विदेश में भी मुरीद
चंदन की लकड़ी पर उकेरी गई इन कलाकृतियों के मुरीद देशी ही नहीं बल्कि विदेशी भी हैं. इस कला के चाहने वाले विदेशों और बड़े-बड़े शहरों में ज्यादा हैं. चंदन के कलाकार ओमप्रकाश जांगिड़ बताते हैं कि वह अब तक देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, जयपुर, उदयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद में उनकी कला की एग्जीबिशन लग चुकी है. यहां इनके खरीदार अधिक हैं.

कलाकृतियां
कलाकारों ने चंदन की लकड़ी पर देवी- देवताओं के साथ ही देश की प्रमुख धरोहरों को भी उकेरा है. वीणा में मां सरस्वती, तानसेन, नाचते हुए गणेश, अकबर का दरबार, 9 रत्न, गांधी वॉच, लाल किला, इंडिया गेट, ताजमहल की, पणिहारी, महाराणा प्रताप की जीवनी, श्रीकृष्णा लीला को उकेरा गया है.
1-मालचंद जांगिड़ -1971- राष्ट्रपति वीवी गिरी ने पुरस्कार दिया.
2. मालचंद जांगिड़ – 1972 – प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पुरस्कार दिया.
3. चौथमल जांगिड़ – 1973 – राष्ट्रपति वीवी गिरी ने पुरस्कार दिया.
4. महेश – 1993 – राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने पुरस्कार दिया.
5. विनोद जांगिड़ – 1995 – राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने पुरस्कार दिया.
6. पवन जांगिड़ – 1999 – प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पुरस्कार दिया.
7. सीताराम – 2002 – उप राष्ट्रपति कृष्णकांत शर्मा ने पुरस्कार दिया.
8. नरोत्तम – राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पुरस्कार दिया.
9. कमलेश – राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पुरस्कार दिया.
10. ओमप्रकाश जागिड़ 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार.
11.ओमप्रकाश जागिड़ 2018 राष्ट्रीय पुरस्कार.


अगर आपको भी चंदन की ये कलाकृति खरीदनी है तो आप इन नंबर पर संपर्क करें- ओमप्रकाश जांगिड़ 9950985781.

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