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Churu: पहचान खो रहा यह ऐतिहासिक जोहड़, खूबसूरती का बाॅलीवुड भी है कायल

राजस्थान के चूरू में अकाल को मात देने वाला खूबसूरत जोहड़ आज स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते बदहाल है. मारवाड़ी सेठ भगव ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्टः नरेश परीक

    चूरूः राजस्थान के चूरू में अकाल को मात देने वाला खूबसूरत जोहड़ यानि तालाब आज स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते बदहाल है. मारवाड़ी सेठ भगवानदास बाग्ला की पत्नी ने इस जोहड़ का निर्माण करवाया था.

    सरदारशहर रोड पर स्थित सेठानी का यह जोहड़ न सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि मानवता की मिसाल भी है. इस जोहड़ का निर्माण सेठानी ने उस वक्त कराया था जब पूरा प्रदेश अकाल की चपेट में था. लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे थे. ऐसे में न केवल इंसानों, बल्कि पशु, पक्षियों के लिए भी यह तालाब जीवन स्रोत बन गया.

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    गायों के लिए यहां गौ घाट बनाया गया. विक्रम संवत् 1956 में पड़ने के कारण इसे छप्पनिया का अकाल कहते हैं. जानकारों के मुताबिक इस अकाल ने पूरे थार के साथ-साथ चूरू को भी अपनी चपेट में लिया था. बिन पानी हालात इस कदर भयावह हो गए कि लोग यहां से पलायन करने लगे थे. उसी वक्त सेठ भगवानदास बाग्ला की पत्नी ने इस जोहड़ का निर्माण कराया. ताकि लोग और पशु-पक्षियों को राहत मिल सके. उस वक्त जोहड़ के निर्माण से लोगों को रोजगार भी मिला.

    इस जोहड़ में हैं तीन प्रवेश द्वार

    आयताकार जोहड़ का मुख्यद्वार दक्षिण की ओर है. जोहड़ के चारो कोनों पर चार भुजाएं आकर मिलती हैं. जोहड़ में 14 स्तम्भो एवं कंगूरों से निर्मित तीन प्रवेश द्वार हैं. यह जोहड़ पत्थरों और चूने से निर्मित है.

    जीर्णोद्धार के बाद भी हालात खराब

    करीब 4 वर्ष पहले मुख्यमंत्री बजट घोषणा में इस जोहड़ के लिए 75 लाख रुपए पास हुए जिससे इसका जीर्णोद्धार कराया गया. साथ ही ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण का बोर्ड भी लगाया गया, लेकिन आज जोहड़ के अंदर गंदगी के ढेर लगा हुआ है. असामाजिक तत्व यहां डेरा जमाए रहते हैं.

    पर्यटन स्थल के रूप में हो सकता है विकसित

    जिला प्रसाशन की अनदेखी का शिकार हो रहे इस जोहड़ पर अगर प्रशासन ध्यान दे तो यह स्थल पर्यटन स्थल के रूप में और अधिक विकसित हो सकता है. सेठानी जोहड़ को निहारने आए रत्नेश कुमार ने कहां कि अगर यहां गार्डन डेवलप किया जाए और जोहड़ के प्रवेश द्वारों पर आकर्षक लाइटें लगाई जाय. साथ ही मरम्मत करवाकर जोहड़ को फिर से उसका मूल रूप दिया जाए तो पर्यटक यहां बड़ी संख्या में जरूर आएंगे.

    यहां कई फिल्मों की हो चुकी शूटिंग

    सेठानी जोहड़ पर कई हिन्दी और राजस्थानी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. हिंदी फिल्म गुलामी का एक गीत यहां फिल्माया गया. राजस्थानी फिल्म रामू चनणा, लाडेसर भाभी, आपन तो बेटी बचानी की यहां शूटिंग हो चुकी है. लोग दूर-दूर से इस जोहड़ को निहारने और इसकी स्थापत्य कला को देखने आते हैं. शहर की यह शान रखरखाव की कमी, गंदगी के अंबार और असामाजिक तत्वों के कारण धीरे धीरे अपनी पहचान खो रही है.

    Tags: Churu news, Rajasthan news in hindi

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