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Churu News: गीता प्रेस का देश का एकमात्र गुरुकुल, जानें यहां म‍िलती है कैसी ​शिक्षा 

गुरुकुल में पढ़ते बच्चे

गुरुकुल में पढ़ते बच्चे

Rajasthan News: गीताप्रेस का देश का एकमात्र गुरुकुल राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर संचालित हो रहा है. जहां बच्चों को ...अधिक पढ़ें

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    रिपोर्ट-नरेश पारीक

    पाश्चात्य संस्कृति हावी होने से धीरे-धीरे ​शिक्षा की पुरानी गुरुकुल परम्परा अब धीरे-धीरे समाप्त सी होने लगी है. गुरुकुल के माध्यम से बालक को बचपन से ही संस्कारों की ​शिक्षा दी जाती थी. लेकिन ​शिक्षा के आधुनिकरण से अब इसके मायने बदलते जा रहे हैं, अब धीरे-धीरे संभाग व जिलों में अंग्रजी माध्यम के फाईव स्टार खुलने लगे गए हैं. लेकिन तेजी से बदल रहे समय में आज भी गीता प्रेस गुरुकुल परम्परा को संजोए हुए हैं, जहां बच्चों को वैदिक के साथ आधुनिक ​शिक्षा भी दी जा रही है.आपकों जानकार हैरानी होगी की देश में गीता प्रेस का देश का एकमात्र गुरुकुल वर्तमान में चूरू के धर्मस्तुप से कुछ दूरी पर संचालित हो रहा है. जहां आपकों सुबह-शाम वैदिक मंत्र, हवन, संध्या सहित संस्कृत में संवाद करते हुए बच्चे आसानी से देखे जा सकते हैं. यहां आकर आपकों गुरुकुल में आने का अहसास होगा.

    आधुनिक के साथ वैदिक ​शिक्षा दी जाती है
    गुरुकुल के प्रबंधक ईश्वर सिंह राठौड़ ने बताया कि गुरुकुल की स्थापना चूरू निवासी जयदयाल गोयन्का ने सन 1923 की थी. इसे संत रामसुखदास महाराज व हनुमान प्रसाद पौद्दार ने सिंचित व पो​षित किया. गुरुकुल का संचालन गोविन्द भवन गीता प्रेस कोलकाता कार्यालय से किया जाता है. उन्होंने बताया कि गुरुकुल में कक्षा तीन से 12वीं तक की कक्षाएं प्रतिदिन लगती है. जहां पर आधुनिक के साथ वैदिक ​शिक्षा दी जाती है, फिलहाल स्कूल में करीब 90 बच्चे ​शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. यहां पर हिन्दी, अंग्रेजी, ग​णित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत सहित बच्चों को नियमित तौर पर गीता, वेद, उपनिषद, व्याकरण के अध्ययन सहित हवन, आरती, पूजा कराई जाती है. सुबह के समय बच्चों को योगाभ्यास भी नियमति तौर पर कराया जाता है. राठौड ने बताया कि गुरुकुल से ​शिक्षा प्राप्त कई विद्यार्थी देश के नामी कथावाचकों में शामिल है, इसके अलावा उच्च सरकारी पदों पर भी कार्यरत हैं.

    नहीं ली जाती फीस
    वर्तमान दौर में जहां निजी विद्यालयों द्वारा पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों से भारी भरकम फीस वसूली जा रही है तो गीता प्रेस के इस गुरुकुल में मात्र 600 रुपए महीने लिए जा रहे हैं और वो भी खाने के.गुरुकुल प्रबंधक ने बताया कि यहां पढ़ने वाले बच्चे यही रहते हैं जिनसे हॉस्टल या पढ़ाई के नाम पर कुछ भी नही लिया जाता पूर्णतया निःशुल्क है. सिर्फ 600 रुपए महीना खाने के लिए जाते हैं अगर वो भी कोई देने में आर्थिक रूप से कमजोर है तो उसे खाना भी गुरुकुल में निःशुल्क दिया जाता है.

    Tags: Churu news, Rajasthan news

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