COVID-19: कोरोना से लड़ने के लिए कलेक्टर ने ऐसा किया इंतजाम, भीलवाड़ा बन गया रोल मॉडल

राजस्‍थान सरकार भीलवाड़ा मॉडल को अब पूरे प्रदेश में लागू करने का विचार कर रही है. (फाइल फोटो)
राजस्‍थान सरकार भीलवाड़ा मॉडल को अब पूरे प्रदेश में लागू करने का विचार कर रही है. (फाइल फोटो)

राजस्थान (Rajasthan) में सबसे पहला कोविड-19 (COVID-19) क्‍वारेंटाइन और आइसोलेशन का केंद्र भीलवाड़ा (Bhilwara) जिला बना था. यहां एक डॉक्टर के संक्रमित होने के बाद तेजी से कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) मरीजों की संख्या बढ़ी थी.

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जयपुर. ऐसे समय में जब कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण पूरे देश में तेजी से फैल रहा है, राजस्‍थान (Rajasthan) का भीलवाड़ा (Bhilwara) एक मिसाल पेश कर देश के लिए रोल मॉडल बन गया. दरअसल, यहां अपनाया गया मॉडल अब पूरे प्रदेश में लागू करने पर विचार हो रहा है. इस मॉडल को लागू कराने को लेकर जिले के कलेक्टर राजेंद्र भट्ट की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) भी मुरीद हो गए हैं. कलेक्टर ने समय रहते बड़े कदम उठाकर भीलवाड़ा को बड़ी त्रासदी से बचा लिया. साहस और बलिदान की भूमि भीलवाड़ा की पहचान वीर योद्धा महाराणा प्रताप से भी है.

कलेक्टर ने ऐसे पाया महामारी पर काबू
कोरोना से बचाव के लिए कलेक्टर के पास एक ही विकल्प था, पहले से ही डिफेंस तैयार किया जाए और सरकार के आदेशों को सख्ती से पालना हो. राजस्थान में सबसे पहला कोविड-19 क्‍वारेंटाइन और आइसोलेशन का केंद्र भीलवाड़ा जिला बना था. यहां एक डॉक्टर के संक्रमित होने के बाद तेजी से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी. लेकिन बाद में, यह आंकड़ा 28 मरीजों से अधिक नहीं बढ़ पाया. इसकी वजह ये है कि पॉजिटिव मरीज सामने आते ही प्रशासन के आदेश से भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगाकर सीमाएं सील कर दी गईं. यही नहीं, जिले के सभी निजी अस्पतालों और होटलों को टेकओवर कर लिया गया. साथ ही लॉकडाउन सख्ती से इस जिले में लागू कराया गया.

जिले में लॉकडाउन सख्ती से लागू कराया गया
घर-घर स्क्रीनिंग के अलावा जनप्रतिनिधियों, मीडिया और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शहर में आने से रोका गया. सिर्फ पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर लोगों की मदद कर रहे थे. इसके अलावा, जिले के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का भी इसमें बड़ा योगदान रहा. प्रशासन अब तक 3 हजार 99 सैंपल ले चुका है. इसका असर ये हुआ कि संक्रमित मरीज ठीक हुए और जिले में प्रशासन, पुलिस और मेडिकल के थ्री टियर प्रयास हर तरफ सराहे गए. जिले में गुरुवार को एक संक्रमित के केस आया है.



वह शख्‍स जिसने जिले को बनाया रोल मॉडल
राजेंद्र भट्ट 2007 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वो वर्तमान में भीलवाड़ा जिले के डीएम हैं. गहलोत सरकार ने 25 दिसंबर 2018 को राजेंद्र भट्ट को भीलवाड़ा का कलेक्टर बनाया. जोधपुर में जन्मे और पले पढ़े राजेंद्र भट्ट का जन्म 28 अगस्त 1964 को हुआ था. राजेंद्र भट्ट भीलवाड़ा का कलेक्टर बनने से पहले डूंगरपुर में भी कलेक्टर रह चुके हैं.. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कलेक्टर राजेंद्र भट्ट की कार्यप्रणाली के मुरीद हो गए हैं. फिलहाल जिले में कोरोना वायरस के प्रकोप को नियंत्रण करने का श्रेय भी उन्हें ही दिया जा रहा है.

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